मधुबनी रेलवे स्टेशन पर उपद्रवियों का हमला, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस की 73 खिड़कियों के शीशे तोड़े, जानिए पूरा मामला
मधुबनी रेलवे स्टेशन पर सोमवार को बड़ा हंगामा हुआ, जब असामाजिक तत्वों ने 12561 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (जयनगर-नई दिल्ली) के एसी कोचों में जमकर तोड़फोड़ मचाई। घटना में 73 खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और दोषियों की पहचान के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने विशेष टीम गठित की।
रेल प्रशासन ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए रेल अधिनियम की धारा 145(बी), 146, 153 और 174(ए) के तहत अपराध संख्या 168/2025 दर्ज किया। मामले की जांच के लिए आरपीएफ ने एक विशेष टीम गठित की, जिसने तेजी से सुराग जुटाने शुरू कर दिए। जांच के दौरान स्रोतों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक किशोर को गिरफ्तार किया गया, जिसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। हालांकि, इस वारदात में शामिल अन्य दोषियों की तलाश अब भी जारी है और आरपीएफ पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
रेलवे प्रशासन ने घटना की निंदा करते हुए इसे राष्ट्रीय संपत्ति पर हमला करार दिया और स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरपीएफ ने यह भी कहा कि रेलवे को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी।
इस घटना के बाद रेलवे और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मिलकर सुरक्षा कड़ी कर दी है। स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, साथ ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि वे रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग दें और यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। रेलवे ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
इस घटना से न केवल यात्रियों में भय का माहौल बना, बल्कि रेलवे को भी बड़ी क्षति पहुंची है। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानता है और इस तरह की किसी भी घटना को दोबारा होने से रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जांच जारी है और जल्द ही अन्य दोषियों को भी कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
क्या थी तोड़फोड़ की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह तोड़फोड़ टिकट को लेकर हुए विवाद और रेलवे की सुविधाओं के प्रति नाराजगी के चलते हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ यात्री ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें सीट नहीं मिली, जिससे वे नाराज हो गए। गुस्से में उन्होंने पहले रेलवे कर्मचारियों से बहस की और फिर ट्रेन के एसी कोचों की खिड़कियों पर पथराव कर दिया। इसके अलावा, कुछ स्थानीय युवाओं द्वारा रेलवे प्रशासन के प्रति असंतोष और लापरवाही के आरोप भी लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ उपद्रवी पहले से ही मौके पर मौजूद थे, जो भीड़ के गुस्से का फायदा उठाकर रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगे।
दिल्ली हादसे से नाराजगी, रेलवे पर उठे सवाल
इस घटना को लेकर रेलवे प्रशासन पहले से ही सवालों के घेरे में है, क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली में एक बड़े हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई थी और कई दर्जन लोग घायल हुए थे। उस हादसे के पीछे रेलवे की गंभीर लापरवाही सामने आई थी, जिससे लोगों का गुस्सा पहले से ही भड़का हुआ था।रेलवे की अव्यवस्थाओं और बढ़ते हादसों से जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन की अनदेखी और लचर प्रबंधन के चलते इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
आरपीएफ की ताबड़तोड़ कार्रवाई, एक किशोर गिरफ्तार
इस मामले में रेलवे प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए रेल अधिनियम की धारा 145(बी), 146, 153 और 174(ए) के तहत अपराध संख्या 168/2025 दर्ज किया। आरपीएफ की विशेष टीम ने तेजी से जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक किशोर को गिरफ्तार किया, जिसने अपनी संलिप्तता कबूल कर ली। हालांकि, मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रेलवे प्रशासन सख्त, सुरक्षा कड़ी की गई
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी तेज कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि इस तरह की घटनाओं को दोहराने की कोशिश करने वालों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यात्रियों की अपील – रेलवे संपत्ति को बचाएं
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे सभी नागरिकों की संपत्ति है और इसे नुकसान पहुंचाना एक गंभीर अपराध है। अधिकारियों ने आम जनता से अनुरोध किया है कि यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत आरपीएफ या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। रेलवे अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएंगे। रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
रेलवे की सख्त चेतावनी – तोड़फोड़ करने वालों की खैर नहीं
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नई रणनीति पर काम कर रहा है। रेलवे अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। रेलवे प्रशासन ने अपनी अपील दोहराते हुए कहा कि रेलवे को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।

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