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जिला अस्पताल को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र, जानिए कैसे काम किया

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जिला अस्पताल बलौदा बाजार को एक बार फिर राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र जारी हुआ है। यह प्रमाण पत्र 15 विभागों का निरीक्षण करने के बाद तीन वर्षों के लिए जारी किया गया है।  बता दें कि बलौदा बाजार जिला अस्पताल पहले से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त अस्पताल है। 3 वर्ष की अवधि पूर्ण हो जाने पर माह जून 2024 में अस्पताल में दी जा रही सेवाओं का तीन दिवसीय परीक्षण राष्ट्रीय स्तर से आई जांच टीम ने किया। इस टीम में भुवनेश्वर से डॉ. सुब्रज्योति राव, लखनऊ से डॉ. रूपेंद्र कुमार और दिल्ली से ऋतु नायर सम्मिलित हुई थी। जिन्होंने अस्पताल के 15 विभागों का बहुत ही बारीकी से निरीक्षण किया और मार्किंग की। परीक्षण के बाद अंतिम रूप से जिला अस्पताल इन मानकों पर खरा उतरा और अब प्रमाण पत्र जारी हुआ है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ  राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में इसकी पूरी तैयारी की गई। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र जिसे एनक्यूएएस भी कहा जाता है, अस्पतालों में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता जांचन...

बारिश के कारण मल्लीन नाला में बाढ़ से टापू बना गांव, दुल्हा दुल्हन को गोद में उठा कर पार कराया गया नाला

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बलौदा बाजार जिले में हो रही लगातार बारिश से पलारी ब्लाक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम मल्लीन का नाला उफान पर है। इस ग्राम पंचायत में 204 घरों में बसे 1347 निवासी नाले में पानी आने की वजह से दो भागों में बंट गए हैं। जहां मुख्य भाग में स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन भंडार, आवश्यक सामानों की दुकान और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं हैं उपलब्ध हैं। वहीं दूसरे भाग में नाला पारा इन सारी मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग हैं। इस भाग के 20 घरों में बसने वाले 125 लोगों के लिए बरसात के दो महीने कई तरह की समस्याओं का सबब बनकर आता है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब गांव में बरात गई तो नाला सुखा था लेकिन शादी के बाद जब लौटे तो नाले में पानी भर गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने वर वधु को गोद में उठाकर नाला पार किया। बताया गया कि नाला पारा में रहने वाले रूपेश की विवाह इसी महीने 20 जुलाई को बस्ती पारा की भारती से तय हुई। घर से दूल्हा के रूप में तैयार हुए रूपेश के लिए नाला पार करना प्राचीन कथाओं के हिस्सों की तरह जीवंत करने जैसा रहा। बहरहाल, सारे बाराती सूखे नाले से आसानी से नाला पार कर उस पार पहुंचे। लेकिन जब ...