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जैतखाम तोड़फोड़ कांड की जांच में साक्ष्य के लिए आया मात्र एक आवेदन, बयान के लिए तय हुई यह तारीख

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छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में सतनामी समाज के सबसे बड़े धर्म स्थलों में से एक गिरोधपुरी धाम से लगे ग्राम महकोनी के अमरगुफा के जैतखाम तोड़फोड़ की जांच एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग से कराई जा रही है। इस मामले में 15 सितंबर तक साक्षी के लिए शपथ पत्र के साथ आवेदन प्रस्तुत करना था, आए आवेदनों पर आज आयोग के अध्यक्ष और हाईकोर्ट से सेवानिवृत न्यायाधीश सीबी बाजपेई की अध्यक्षता में सुनवाई हुई। इस दौरान शासन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता समीर अग्रवाल उपस्थित होकर जवाब के लिए आयोग से दस्तावेज प्राप्त किए। आयोग में अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।  महकोनी के रिजर्व फॉरेस्ट में आने वाले अमरगुफा में 15-16 में की रात जैतखाम तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इस घटना के बाद से नाराज सतनामी समाज ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद सरकार के तरफ से एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की घोषणा की गई। साथ ही हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस सीबी बाजपेई को इसका अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद भी सतनामी समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी देते हुए 10 जून को बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में आंदोलन का आयोजन किया था, जिस दौरा...

हाथियों को परेशान करने की ट्रेनिंग देकर छत्तीसगढ़ वन विभाग बढ़ा रहा हाथी-मानव द्वंद

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छत्तीसगढ़ वन विभाग मुख्यालय (वन्य प्राणी) के संरक्षण तले वन विभाग हाथी मानव द्वंद कम करने के नाम से जानबूझकर ऐसी ट्रेनिंग दिलवा रहा है जिससे निश्चित ही हाथी मानव द्वंद बढेगा जिससे जनहानि बढ़ेगी । इसे लेकर रायपुर के वन्यजीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने चिन्ता बताते हुए मुख्य मंत्री को पत्र लिखा है। हाथी मानव द्वन्द और जनहानि बढ़ेगी पत्र में लिखा गया है कि सूरजपुर वन मंडल में कर्नाटक से एक विशेषज्ञ को बुलवाया गया है, जो जूट की बोरी में मिर्च डालकर, मशाल बना कर मिर्च युक्त धुआं से जंगल से हाथियों को भगाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस विशेषज्ञ द्वारा हाथियों को भगाने के लिए बड़े-बड़े फटाके फेंके जाने की भी चर्चा पहले होती रही है। स्वाभाविक है मशाल बना कर मिर्च युक्त धुआं से हाकां लगाने से हाथी परेशान होंगे और हाथी मानव द्वन्द बढ़ेगा, जिससे जनहानि बढ़ेगी। किसी भी वन्य प्राणी को हाकां लगाना वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अपराध है। मशाल बना कर मिर्च युक्त धुआं से हाकां लगाने या साधारण मशाल से और हल्ला बोल पार्टी पर छत्तीसगढ़ में 2006 से ही प्रतिबंधित करने की बात बताई जा रही है। मध्यप्रदे...