संदेश

सितंबर 13, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सेक्स रैकेट की वह कहानी पढ़िए जिसका जिन्न अब तक पुलिस की फाइल में दफ्न है

चित्र
सेक्स शब्द सुनते ही शरीर में जिनके सनसनी मच जाती है उनके लिए यह खबर काम की है। असल में इसी सनसनी को शांत करने के लिए  एक गिरोह ने बलौदा बाजार में टिफिन सप्लाई का कारोबार शुरू किया। जिसका अब सनसनीखेज खुलासा हो रहा है। मामले में अब तक 5 एफआईआर दर्ज हुई है वहीं अपराध में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कहानी की शुरुआत कोरोना काल में हुई जब लोग एक दूसरे से दूरी बना लिए थे। उस भयानक दौर में भी कोई था जो काम कर रहा था। भाग दौड़ कर रहा था, नेटवर्क खड़ा कर रहा था। नेटवर्क नहीं बल्कि वह एक ऐसे व्यापार का अंपायर खड़ा कर रहा था जिसे लोग घिनौना काम मानते हैं और काम का नाम तक लेना उचित नहीं समझते, खासकर धनाढ्य और मध्यम के सफेदपोश लोग इस काम में बढ़चड़कर शामिल तो हुए लेकिन अपने घर परिवार और समाज में संत बने रहे। यह भी कह सकते हैं हंस की भेष में बगुला। ऐसे ही सफेदपोश लोग जो कोराेना काल में अकेले रह रहे थे, खाने पीने की जिन्हें दिक्कत हो गई थी, जो चाहते थे किसी से मिलना, जो चाहते थे की कोई उनसे आकार मिले ऐसे ही लोगों के लिए मिलने जुलने की व्यवस्था करने का कारोबार टिफिन सप्लाई करने ...

छत्तीसगढ़ ‘पीएम-ई-बस सेवा योजना’ के तहत चार शहरों में ई-बसों के लिए बिजली और डिपो अवसंरचना विकसित करेगा: तोखन साहू

चित्र
आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने 169 शहरों में पीपीपी मॉडल पर 10,000 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए पीएम-ई-बस सेवा योजना की स्थिति का जायजा लिया। यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि परियोजना के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए, मंत्री ने किसी भी चुनौती का निवारण करने और शहरी परिवहन और स्थिरता के लिए वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया। छत्तीसगढ़ ‘पीएम-ई-बस सेवा योजना’ के तहत चार शहरों में ई-बसों के लिए बिजली और डिपो अवसंरचना विकसित करेगा: श्री तोखन साहू छत्तीसगढ़ को पीएम-ई-बस सेवा योजना की पहली किस्त में 30.19 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो चार शहरों: रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में ई -परिवहन को बढ़ावा देगा। छत्तीसगढ़ के लिए, ई-बसों की खरीद के लिए स्वीकृत किए गए सभी बुनियादी ढाँचे के प्रस्ताव, जिसमें चार्जिंग के लिए सिविल डिपो अवसंरचना और बिजली अवसंरचना का विकास शामिल है। मंत्री ने कहा, "यह महत्वाकांक्षी परियोजना छत्तीसगढ़ की अधिक उपयोगी और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर...

सहकारी क्षेत्र में नई जान फूँकेंगी प्राथमिक कृषि ऋण समितियां

चित्र
दुनिया भर में ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष - 2025’ के स्वागत की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब भारत का सहकारिता क्षेत्र मजबूत स्थिति में है और देशभर में नई, मजबूत और तेजी से उभरती हुई  प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) का प्रसार हो रहा है। आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों से लैस ये PACS अब ग्रामीण और कृषि प्रधान भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के सपने को साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यद्यपि भारत में सहकारिता का गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कुप्रबंधन, संकट के समय पर्याप्त सरकारी समर्थन की कमी और आवश्यक सुधारों की अनुपस्थिति के कारण इसके विकास में रुकावट आई है। हालाँकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में सहकारिता मंत्रालय का गठन करने और अपने भरोसेमंद सहयोगी अमित शाह को इसकी कमान सौंपने के तुरंत बाद सहकारिता क्षेत्र में बदलाव की बयार बहने लगी। गुजरात में सहकारिता आंदोलन को नया आकार देने वाले सुधारों के प्रणेता के रूप में विख्यात सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद राष्ट्...