ब्लैक संडे: मौत का मचा तांडव, हर तरफ लाश ही लाश
वैसे तो कोई दिन किसी रंग का नहीं होता, लेकिन हर दिन को रंग के आधार पर बनाया और मनाया जाता रहा है। सफेद सोमवार, लाल मंगलवार, हरा बुधवार, पीला गुरुवार, गुलाबी शुक्रवार, नीला या काला शनिवार और लाल रविवार। इसी तरह से कुछ दशकों से खबरची लोग हादसे वाली खबरों पर उस दिन को ब्लैक डे घोषित करते रहे हैं। ऐसा ही एक ब्लैक डे या ब्लैक संडे छत्तीसगढ़ के लोगों ने मनाया। मनाया कम प्रकृति और आपदा ने मनाने के लिए मजबूर ज्यादा कर दिया। असल में ब्लैक संडे में घटना की शुरुआत सुरगुजा से हुई। जहां संभाग मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर बतौली में स्थित मां कुदरगढ़ी एल्यूमिनियम फैक्ट्री में कोयला से लोड हॉपर और लगभग 150 मीटर फिट बेल्ट के गिर जाने से 7 मजदूर सब गए, इस हादसे में अब तक 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में मध्य प्रदेश के मंडला निवासी प्रिंस ठाकुर, सागर नवासी मनोज सिंह, बिहार के गया निवासी करणवीर मांझी और रमेश्वर हैं। वहीं तीन मजदूरों को गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है। इधर दूसरी घटना बलौदा बाजार में हुई। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम मोहतरा में आका...