स्वच्छ भारत मिशन : शहरी कचरा प्रबंधन का ब्लू-प्रिंट
हमारा देश अब स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) की दसवीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है। यह एक परिवर्तनकारी दशकीय यात्रा रही है, जिसके बारे में विचार करने पर प्रभाव बेहद गहरे नजर आते हैं। एक ऐसा मिशन जिसने भारत में स्वच्छता और सफाई के नए पैमाने स्थापित कर एक नई परिभाषा गढ़ी है। 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया यह मिशन केवल एक पहल नहीं, बल्कि एक आंदोलन था – हर एक नागरिक को स्वच्छ, स्वस्थ और ‘विकसित भारत’ में योगदान देने का आह्वान। आज, एसबीएम ने अपना फोकस केवल शौचालयों के निर्माण और उन तक नागरिकों की पहुंच को बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसमें विभिन्न समुदायों के लिए प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन पद्धतियां अपनाने के बारे में स्पष्ट रूप से मार्गदर्शन को भी शामिल किया है। यह बदलाव स्वच्छता के लिए जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देता है, सभी व्यक्तियों को अपने समाज की भलाई में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है। हमारे प्रधानमंत्री ने इस पहल को आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप भारत खुले में शौच से मुक्त हुआ और हमारे समुदायों में जनभागीदारी की अनोखी अलख जगी। शहरी क्षेत्रों म...