छत्तीसगढ़: सड़क पर जान और खेतों में धान के मवेशी बने मुसीबत, निजात दिलाने होगी यह व्यवस्था
सड़कों पर खुले में छोड़े गए मवेशी इन दिनों छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी समस्यायों में से एक समस्या हैं। इनकी वजह से जहां एक तरफ राहगीर सड़क दुर्घटना के शिकार होकर घायल और जान गंवा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर खुले में छोड़े गए मवेशियों की चराई के कारण किसानों को फसल में भारी नुकसान हो रहा है। इन सब के बीच मवेशियों को सही जगह पर व्यवस्थित कर राहत देने की व्यवस्था हो रही है। प्रदेश की पिछली सरकार ने सड़क पर घूमने वाले और फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले मवेशियों के लिए नरवा, गरुआ, घुरुवा, बारी के साथ ही रोका छेका गौठान की व्यवस्था की थी। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत में स्थित सरकारी जमीन से कब्जा हटाकर करोड़ों रुपए खर्च कर गौठान बनाए गए। हालांकि जैसे ही प्रदेश में सरकार बदली व्यवस्था भी बदल गई। अब गौठान में पिछली सरकार द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन फिलहाल प्रदेश की सरकार के पास ऐसी कोई योजना नहीं है जो सड़कों पर राहगीर को और खेतों में किसानों की फसल को सुरक्षा दी जा सके। खुले में घूम रहे मवेशियों से फसल बर्बाद हो रहा है जिससे परेशान किसान तरह तरह के हथकंडे ...