बलौदाबाजार: सड़क पर मौत का तांडव, जनवरी में रफ्तार ने निगली 44 की जान, नहीं थम रहा हादसे का सफर

बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में सड़क हादसा का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2025 में 75 दुर्घटनाएं हुईं हैं। जिनमें 44 लोगों की मौत हो गई है और 46 लोग घायल हो चुके हैं यह आंकड़ा बीते 5 वर्षों में सबसे भयावह है, जो दर्शाता है कि जिले में सड़क सुरक्षा के प्रयास नकाफी साबित हो रहे हैं। अब फरवरी में भी लगातार हो रहे हादसे से लोगों की मौत हो रही है। 


छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला भाटापारा-निपनिया मार्ग का है, जहां तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा ने सड़क पार कर रही पुनिता ध्रुव नामक महिला को कुचल दिया। हादसा इतना भयानक था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हादसे की खबर मिलते ही भाटापारा ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुट गई। उग्र ग्रामीण मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने और रफ्तार पर लगाम लगाने की मांग किए। वहीं पुलिस ने वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। सड़क हादसे को रोकने के लिए पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेगुनाह लोग रफ्तार के कहर का शिकार होते रहेंगे? प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद सड़कों पर बहता खून यह साबित कर रहा है कि सिर्फ कार्रवाई काफी नहीं, बल्कि ट्रैफिक सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत है।


सड़कें बनीं मौत का जाल


बलौदाबाजार में सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़े डराने वाले हैं। जनवरी 2025 में 75 सड़क दुर्घटनाओं में 44 लोगों की जान चली गई और 46 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। जनवरी 2024 में 53 दुर्घटनाओं में 17 मौतें हुई थीं, जबकि 2023 में 59 दुर्घटनाओं में 25 लोगों की जान गई थी। 2022 में 49 दुर्घटनाओं में 22 मौतें हुई और 2021 में 44 दुर्घटनाएं हुईं जिनमें 26 लोगों की जान चली गई। लेकिन 2025 में स्थिति और भयावह हो चुकी है। सबसे खौफनाक पहलू यह है कि इस साल कई दुर्घटनाओं में दो से तीन लोगों की एक साथ मौत हुई है। सुहेला के सेमराडीह में बाइक सवार तीन युवकों की मौत, पलारी के गोडा पुलिया पर टैंकर-ट्रक हादसे में तीन लोगों का जलकर मर जाना और कसडोल के ग्राम सेल में बाइक सवार तीन युवकों की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।


कठोर कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहे हादसे


पुलिस ओवरस्पीड, लापरवाह ड्राइविंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन सड़क पर मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। 2024 में पुलिस ने ओवरस्पीड के 303 मामलों में कार्रवाई की थी, जबकि जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 989 पर पहुंच गया। खतरनाक ड्राइविंग के मामलों में भी पुलिस ने 2024 में 158 और 2025 के सिर्फ जनवरी महीने में 443 मामले दर्ज किए। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर 2024 में 762 और जनवरी 2025 में 221 कार्रवाई की गई। अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण होने वाले हादसों पर भी पुलिस सख्ती बरत रही है। 2024 में 2072 ट्रक मालिकों को ऑनलाइन चालान भेजा गया था, जबकि 2025 के जनवरी महीने में अब तक 216 ट्रक चालकों पर कार्रवाई की गई है।


बिना साइन बोर्ड के बनाए गए ब्रेकर 

सड़क हादसे के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए पुलिस ने नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर ब्रेकर का निर्माण कराया है। खासकर नेशनल हाईवे 130 बी, बलौदा बाजार सिमगा मार्ग, बलौदा बाजार बिलासपुर मार्ग पर बनाए गए ब्रेकर स्पीड पर नियंत्रण लाए हो या ना लाए हो लेकिन यह दुर्घटना का सबक जरूर बन रहे हैं। रायपुर रोड पर सकरी और अमेरा में दुर्घटना जन्य क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस के तरफ से ट्रिपल ब्रेकर का निर्माण किया गया है, लेकिन इस जगह पर ब्रेकर की मार्किंग नहीं की गई है। इसी तरह से रिसदा, ढाबाडीह में बनाए गए ब्रेकर के लिए कोई निशानी नहीं है, जिससे वाहन चालक सतर्क हो सकें कि आगे ब्रेकर है।


वर्षवार आंकड़े

वर्ष 2020 में 500 दुर्घटनाएं, मृत्यु 189, घायल 494

वर्ष 2021 में 432 दुर्घटनाएं, मृत्यु 220, घायल 324

वर्ष 2022 में 525 दुर्घटनाएं, मृत्यु 248, घायल 383

वर्ष 2023 में 541 दुर्घटनाएं, मृत्यु 287, घायल 449

वर्ष 2024 में 629 दुर्घटनाएं, मृत्यु 281, घायल 463

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