अडानी अंबुजा सीमेंट प्लांट की कॉलोनी में चोरी का नहीं हो पाया खुलासा, सवाल के घेरे में है कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था
अडानी अंबुजा सीमेंट प्लांट रवान बलौदा बाजार की रवान स्थित रिहायशी कॉलोनी में हुई चोरी का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इस चोरी ने जहां एक तरफ पुलिस पर सवाल खड़े कर दी है वहीं कॉलोनी ओर कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि चोरी के बाद से ही कंपनी प्रबंधन की चुप्पी ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। जो सवाल अब भी बरकरार है। इधर सूचना है कि कॉलोनी में एक के बाद एक सुने मकानों में ताले टूटते जा रहे हैं और कंपनी प्रबंधन इन चोरी की बढ़ती घटनाओं और सिक्योरिटी सिस्टम की विफलता पर मौन साधे हुए है। इससे न केवल कॉलोनी के निवासियों को असुरक्षित महसूस कराया है, बल्कि कंपनी की संचालन व्यवस्था और कर्मचारियों में असंतोष ने भी गहरा असर डाला है।
बलौदा बाजार में चोरों के हौंसले बुलंद हैं। यहां सक्रिय चोर गिरोह एक के बाद एक कॉलोनियों को निशाना बना रहे हैं। चोर कॉलोनी के सुने मकानों की रेकी कर दरवाजे का कुंदा उखाड़कर चोरी कर रहे हैं। बता दें कि बलौदा बाजार के सबसे बड़ी और सबसे सुरक्षित समझी जाने वाली रिहायशी कॉलोनी में से एक अंबुजा अदानी सीमेंट के सुने मकान को चोरों ने फरवरी 2024 में निशाना बनाया था। चोरों ने रवान स्थित अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट की कॉलोनी के ए 2- 67 में रहने वाले उत्तम कुमार गौतम के सुने आवास में धावा बोला है। गौतम परिवार जब शादी समारोह में शामिल होने सतना गया था, इस समय उनके आवास को चोरों ने खाली कर दिया। चोरी होने की सूचना उनको पड़ोसियों से मिली थी। कंपनी की कॉलोनी में हुई इस चोरी ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही पुलिस की गश्त पर भी सवाल खड़े कर दिए थे, क्योंकि अब तक बलौदा बाजार की यह कॉलोनी सबसे सुरक्षित मानी जाती रही है, लेकिन इस चोरी ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़े कर दी है। बता दें कि चोरी के बाद से अंबुजा कॉलोनी में जाने को लेकर कई नियम बना दिए गए, आने जाने वालों के लिए सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी गई, लेकिन यह चोरी कैसे हुई यह सवाल अब भी न तो कंपनी की सुरक्षा टीम अब तक बता पाया और न ही पुलिस इस चोरी की खुलासा कर पाई। चोरी के संबंध में पीड़ित उत्तम कुमार गौतम ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई तो सही, लेकिन पुलिस से भी उन्हें मायूसी ही हाथ लगी। कॉलोनी में हुई चोरी के संबंध में कंपनी के सिक्योरिटी इंचार्ज और कंपनी के एचआर भी मीडिया से हमेशा दूरी बनाए रखे, जब भी एच आर का काम देखने वाले गिरधर मिश्रा से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई वे कंपनी के काम की व्यस्तता दिखाकर टालते रहे। अब देखने की बात होगी कि पुलिस इस चोरी का पर्दाफाश कब तक करती है और आरोपियों को पकड़ पाती है। घटना के 10 माह बीत जाने के बाद भी अब तक इस मामले में पुलिस के हाथ जहां खाली हैं, वही सूचना है कि कॉलोनी के कुछ और मकानों में भी चोरों ने धावा बोला, लेकिन कॉलोनी के सिक्योरिटी इंचार्ज और कंपनी के एचआर किसी को भी थाने नहीं आने दिए। इधर यह भी जानकारी आ रही है कि कॉलोनी में पहली चोरी जिस उत्तम कुमार गौतम के घर में हुई थी, उन्हें कंपनी प्रबंधन ने कटनी ट्रांसफर कर दिया। इतना ही नहीं, जिनके भी साथ कंपनी में कोई घटना हो रही है उन्हें कंपनी के तरफ से तबादला कर चुप करा दिया जा रहा है।
चोरी में कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड्स पर संदेह
उत्तम कुमार गौतम के घर हुई चोरी के दिन से ही कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड्स पर चोरी में मिलीभगत होने के संदेह जताए गए थे। क्योंकि उनकी मिलीभगत के बिना ये घटनाएं इतनी आसानी से नहीं हो सकती। साथ ही कंपनी प्रबंधन का इस मुद्दे पर मौन रहना और कोई स्पष्ट कार्रवाई न करना इस ओर इशारा करता है कि यह चोरी कहीं न कहीं कंपनी प्रबंधन के जानकारी में है और कंपनी प्रबंधन जनता है की चोरी किसने की है, लेकिन कंपनी प्रबंधन नहीं चाहता कि कंपनी और बदनाम हो इस लिए भी इस चोरी का खुलासा नहीं किया जा रहा है। अगर ऐसा नहीं है तो फिर यह संकेत मिलता है कि या तो प्रबंधन मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर रहा है या किसी दबाव में है।
अब एचआर का तबादला किया गया
घटना के कई माह बीत जाने और कंपनी में लगातार घटनाएं और हादसे होने के कारण स्थानीय कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन लगातार बैकफुट पर है। इधर कंपनी के विस्तार में आ रही अड़चन और कई समस्याओं पर सही से काम नहीं करने और स्थानीय कर्मचारियों का बेतरतीब ढंग से तबादला किए जाने और लगातार उत्पादन प्रभावित होने एचआर गिरधर मिश्रा का भी तबादला कर दिया गया है।

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