अवैध रेत खनन ने ली मासूम की जान, धरना पर बैठे विधायक तब मिला कार्रवाई का आश्वासन
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में मंगलवार की सुबह एक मासूम की मौत हो गई। अवैध रेत खनन और परिवहन की वजह से हुए सड़क दुर्घटना में मासूम की जान चली गई है। दरअसल बलौदा बाजार जिले से जाने वाली महानदी में रेत खनन का अवैध कारोबार पिछले कई वर्षों से फल फूल रहा है। इस पर जिला खनिज विभाग हो या वन विभाग या फिर जिला प्रशासन के अधिकारी अवैध खनन करने वालों पर नियंत्रण लगा पाने में हमेशा से नाकाम रहे हैं। यह घटना प्रशासन की कार्रवाई और खनिज व वन विभाग के अधिकारियों के कार्यप्रणाली, उनके काम करने के तरीके और उनकी निगरानी व सतर्कता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
पलारी विकासखंड के ग्राम खैरी में अवैध रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर से दबकर एक बच्चे कार्तिक पिता उत्तम घृतलहरे 8 वर्ष की मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव के लोग आक्रोशित हो गए। घटना स्थल पर ही लाश को रखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आक्रोश पलारी थाना प्रभारी केसर पराग बंजारा और पुलिस टीम के रवैया से ज्यादा बढ़ गया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह घटना के बाद ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गया था, जिसे ग्रामीणों ने दौड़कर पकड़ा और पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन पुलिस के तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच ट्रेक्टर मालिक गांव आया और ग्रामीणों को धमकाने लगा। एक तरफ पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई और दूसरी तरफ ट्रैक्टर मालिक की धमकी देने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क दुर्घटना में मारे गए मासूम के शव को उठाने से इंकार कर दिया। इधर घटना के बाद मची खलबली और प्रदर्शन की जानकारी होते ही मौके पर लॉ एंड ऑर्डर को सम्हालने के लिए पलारी तहसीलदार और एसडीएम मौके पर पहुंची। उनकी समझाइश देने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा कम हुआ और वे बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
वहीं घटना की जानकारी होते ही डोंगर देवी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कसडोल विधायक संदीप साहू अपने आगे के कार्यक्रम को रद्द कर ग्राम खैरी पहुंचे। ग्रामीणों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली, साथ ही वे महानदी से लगे ग्राम मुडीयाडीह के रेत घाट से हो रहे अवैध खनन को मौके पर जाकर देखा। जहां वन और खनिज विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से रेत का अवैध खनन की जानकारी मिली। सागौन के पेड़ों को काटकर खनन माफिया रेत की चोरी पिछले कई दिनों से हो रही थी। यहीं से रेत लेकर जा रहे टैक्टर से ग्राम खैरी में मासूम के साथ हादसा हुआ है। विधायक साहू को ग्रामीणों ने बताया कि रेत घाट को स्थानीय पंचायत, फॉरेस्ट विभाग का कर्मचारी और गांव के कुछ युवक अवैध तरीके से चला रहे थे। पिछले कई दिनों से रेत लेकर जाने वाले ट्रेक्टर चालकों को वाहन धीरे चलाने की समझाइश दी जा रही थी, लेकिन चोरी के रेत को जल्दी निकलने की हड़बड़ी में यह हादसा हो गया। पूरी घटना की जानकारी होने के बाद विधायक संदीप साहू ग्राम खैरी पहुंचे जहां ग्रामीणों ने उनसे कार्रवाई नहीं होने तक मृतक बच्चे का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कहते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बच्चे के घर के सामने ही यह प्रदर्शन शुरू हो गया। इसमें खनन में सहयोग करने वाले वन विभाग के कर्मचारी, ग्राम मुडीयाडीह के जनप्रतिनिधि, रेत खनन करने वाले, ट्रेक्टर ड्राइवर और उसके मालिक पर एफआईआर, वन विभाग के कर्मचारी को बर्खास्त करने की मांग रखी। हालांकि बाद में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के प्रशासन और पुलिस के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ और बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया।
चल रहा अवैध खनन का कारोबार
अवैध रेत खनन के कारण न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि इस प्रकार की घटनाएं लोगों की जान ले रही हैं। इस मामले में प्रशासन की भूमिका और खनिज विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जिले में खनन का अवैध कारोबार फल फूल रहा है और अधिकारी मौन हैं। ऑफ सीजन में चल रहे खनन के इस कारोबार पर खनिज विभाग की कार्रवाई कहीं दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि घाट के बाद मौके पर खनिज विभाग के तमाम अधिकारी दिखाई दिए। जिनके द्वारा मामले की जांच करने की बात कही गई।
10 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होता है रेत खनन
बलौदा बाजार जिले में 27 रेत घाट प्रशासनिक स्वीकृति के आधार पर संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा जिले में महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के तट पर कई ऐसे गांव हैं जहां से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। बता दें कि छत्तीसगढ़ की नदियों से 10 अक्टूबर तक रेत खनन पर प्रतिबंध रहता है बावजूद इसके प्रशासनिक उदासीनता और खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह कारोबार रेत चोर कर रहे हैं। जिला खनिज अधिकारी कुंदन कुमार बंजारे ने बताया कि मुडीयाडीह रेत घाट के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया में है।
वन विभाग के कर्मचारियों की मिली संलिप्तता
मुडीयाडीह रेत घाट तक पहुंचाने के लिए वन विभाग के जंगल से होकर गुजरना पड़ता है। 1 किलोमीटर से अधिक दूरी को बिना वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की संलिप्तता के पार नहीं किया जा सकता। ऐसे में मुडियाडीह रेत घाट तक जंगल के बीच बनाया गया मार्ग वन विभाग की बीट गार्ड और रेंजर की जानकारी के बिना संभव नहीं है। विधायक संदीप साहू ने डीएफओ से बात कर अवैध खनन में वन विभाग के संलिप्त कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की।
टिप्पणियाँ