बलौदा आगजनी मामले चालान पेश: जानिए देवेंद्र यादव ने किसे कहा गुलामी की राह पर चल रही है

बलौदा बाजार हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ मामले में आरोपी बनाए गए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव सहित 7 लोगों के खिलाफ कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर पर पुलिस आज चालान पेश की। हालांकि इस मामले में पुलिस सिर्फ 5 आरोपियों के खिलाफ ही चालान पेश की है, विधायक देवेंद्र यादव और ओम प्रकाश को छोड़कर शेष आरोपियों के खिलाफ चालान पेश की गई है। वहीं देवेंद्र यादव और ओम प्रकाश के मामले में विवेचना कर चालान पेश करने के लिए 17 अक्टूबर तक का समय मांगी है। लेकिन 5 अक्टूबर तक का समय मिला है। 

बता दें कि 15-16 मई की रात बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लगे ग्राम महकोनी के अमरगुफा में तीन जैतखाम और गेट तोड़ दिया गया था। इससे नाराज सतनामी समाज ने 10 जून को बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया था। इसमें शामिल होने विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे थे, आरोप है कि वे भीड़ में रहे, जिसके बाद हिंसा भड़की और आंदोलनकारियों ने तोड़फोड़ करते हुए तहसील कार्यालय सहित एसपी कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय को जला दिया था। पुलिस इस घटना पर सिटी कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 386/2024 दर्ज की है। इसमें देवेंद्र यादव, दिनेश चतुर्वेदी, मोहन बंजारे, किशोर नवरंगे, राजकुमार सतनामी, नितेश उर्फ निक्कू टंडन, ओम प्रकाश बंजारे को नामजद किया गया है। जिनके खिलाफ धारा 153-A, 505 (1), 505(1)(B), 505(1)(C), 109,120(B), 147, 148, 149, 186, 353, 332, 333, 307, 435, 436, 341, 427 भादवि और 3, 4 लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम 1984 के तहत एफआईआर दर्ज है। मामले में आज विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य ने विशेष लोक अभियोजक एमके देशपांडे के माध्यम से 530 पेज का चालान पेश किया। वहीं देवेंद्र यादव के तरफ से अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा सहित अन्य ने मामले में पैरवी की। पुलिस द्वारा इस दौरान देवेंद्र यादव की फिर से न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की मांग की गई, जिसपर देवेंद्र यादव के अधिवक्ताओं ने आपत्ति प्रस्तुत करते हुए विभिन्न हाई कोर्ट के न्याय दृष्टांत का हवाला दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बलौदा बाजार अजय खाखा की अदालत में सिटी कोतवली के अपराध क्रमांक 386/2024 में प्रकरण में घटना स्थल से संबंधित एक सील बंद लिफाफा में जप्त शुद्धा मेमोरी कार्ड, पेन ड्राईव, न्यायालय के सुलभ सन्दर्भ सहायता के लिए एक मास्टर पेन ड्राईव 32 GB क्षमता वाली और मेमोरी कार्ड अलग से तैयार कर सभी को एकीकृत एक सील बंद लिफाफा में अभियोग पत्र के साथ दिया गया है। 
बता दें कि पुलिस के तरफ से एक बार फिर देवेंद्र यादव के मोबाइल को जब्ती करने के संबंध में तर्क दिए जाने पर देवेंद्र यादव के अधिवक्ता ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस कुछ भी नहीं की है, हर बार सिर्फ मोबाइल को लेकर पुलिस जब्त करने की बात कहती है। 47 दिनों से देवेंद्र यादव जेल में हैं, सिर्फ परेशान करने के लिए पुलिस काम कर रही है। कोर्ट ने पूछा मोबाइल कहां गई? पुलिस इतने दिनों में मोबाइल खोज क्यों नहीं पाई? पुलिस के तरफ से बताया गया कि देवेंद्र यादव के तरफ से कहा गया है कि देवेंद्र यादव के तरफ से मोबाइल प्रस्तुत की जाएगी। वहीं विधायक के तरफ से कहा गया कि गिरफ्तारी के बाद देवेंद्र यादव ने थाने में मोबाइल जब्त कराया था, उसके बाद से मोबाइल कहां है पता नहीं चला।
 बता दें कि रायपुर सेंट्रल जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े देवेंद्र यादव ने चालान पेश करने पर पुलिस को धन्यवाद दिया। हालांकि इस दौरान देवेंद्र यादव की आवाज कोर्ट में पहुंच रही है या नहीं इस बात की जानकारी नहीं थी, इस पर कोर्ट ने बताया कि आवाज आ रही है। इस दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस के कर्तव्यों पर सवाल उठाए। कहा कि पुलिस गुलामी की राह पर चल रही है। मुझे जितना जितना प्रताड़ित करना चाहती है करे, पुलिस अन्याय कर रही है। उन्होंने न्यायालय से न्याय की गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने न्याय यात्रा में देवेंद्र यादव की कमी खलने के संबंध में चल रही चर्चा को बताया। यह भी कहा कि सब आपको पूछ रहे थे, बाद में पता चला कि आपको सीजेएम साहब रख लिए हैं। देवेंद्र यादव के अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने कहा कि पुलिस के पास कोई आधार नहीं है, सिर्फ परेशान करने के लिए विधायक देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया है। इसको लेकर कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई गई है। 17 अक्टूबर तक का समय पुलिस मांग रही थी जिसका हम विरोध किए हैं। वहीं विशेष लोक अभियोजक एमके देशपांडे ने बताया की 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत बढ़ाई गई है। 

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