बार नवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में चीतल का शिकार, वन विभाग छुपाता रहा शिकारियों को
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार वन मंडल में जहां एक ओर जंगल के पशु मैदानी इलाकों में जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इनका शिकार भी हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण चीतल का शिकार कर मांस लेकर भाग रहे दो आरोपी के पकड़ाने से हुआ है। वहीं 3 आरोपियों को भागने में सफलता मिली है, हालांकि कहा जा रहा है कि विभाग के कर्मचारियों ने ही भागने में मदद की और मीडिया तक बात नहीं पहुंचे इसके लिए भरसक प्रयास किया गया। हालांकि मीडिया में जानकारी आने और खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग के तरफ से जानकारी सार्वजनिक किया गया।
वन विभाग के तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक एक लाल रंग की कार में दो बोरियों में भरकर आरोपी चीतल का मांस लेकर जा रहे थे। जांच के दौरान वे भागने लगे और मांस को कार के बाहर फेंक दिए, हालांकि उन्हें पकड़ लिया गया।
वन विभाग के तरफ से बताया गया कि वनमण्डलाधिकारी बलौदा बाजार के निर्देशानुसार त्यौहार के सीजन के संवेदनशीलता को देखते हुए सभी वन क्षेत्रों में नियमित गस्ती और जांच नाकों पर सघन गस्त और निरीक्षण की जा रही है। जांच के दौरान जांच नाका पकरीद में एक कार स्वीफ्ट क्रमांक CG 04 DD 0810 जो बेरियर से मुड़कर वापिस भागने लगी, संदेह के आधार पर पीछा किया गया। कार द्वारा 02 जांच नाकों को तोड़ते हुए कार को ग्राम अल्दा के जंगल में छोड़कर सवार जंगल की तरफ भाग गए। बताया जा रहा है कि वनमण्डल की संयुक्त टीम तुरतुरिया के जंगल में 02 व्यक्तियों को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम कुल पांच व्यक्तियों के द्वारा जंगल में चीतल का शिकार कर काटकर बोरी में भरकर ले जा रहे थे। जिसे भागते हुए डर कर रास्ते में फेंका गया है। अभियुक्तों की निशानदेही पर बोरी में भरकर फेंके गए वन्यप्राणी चीतल के मांस को बरामत कर जब्त किया गया है। वन्यप्राणी अपराध में संलिप्त 02 अभियुक्त अनिल चौधरी और हेतराम गौतम जिला महासमुन्द से और पूछताछ की जा रही है। वन्यप्राणी अपराध में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की पतासाजी कर वन्यजीव (संरक्षण) 1972 के विभिन्न धाराओं के तहत् आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान देवपुर, बारनवापारा, कोठारी और बल्दाकछार परिक्षेत्र के कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाई गई थी।
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