कलेक्टर ने दिया आदेश 14 मिलरों को किया जाएगा ब्लैक लिस्टेड, जानिए वजह
खरीफ विपणन वर्ष 2023- 24 के लिए चावल उपार्जन कीकरने में मिलरों ने एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम(नान) में चावल जमा करने में सुस्ती बरतने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने आदेश दिया है कि 31 अक्टूबर 2024 तक शत प्रतिशत चावल जमा नहीं करने वाले 14 मिलरों पर ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही की जाए।
बता दें कि इस बार धान खरीदने की तारीख में बदलाव करते हुए सरकार ने नई तारीख की घोषणा 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू कर रही
है। जिसे सर्वोच्च प्राथमिकता ओर सुचारु रुप से सम्पन्न कराना है। कलेक्टर ने प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी अमित शुक्ला, जिला विपणन अधिकारी निधि शशांक दुबे से कहा कि मिलरों के द्वारा एफसीआई और नान में निर्धारित मात्रा में समय सीमा पर चावल जमा कराना आवश्यक है। जिन मिलरों के द्वारा चावल जमा करने में रूचि नहीं ली जा रही है उसके कारणों का पता कर निराकरण करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी -कर्मचारी सतर्कता व तत्परता से दायित्व का निर्वहन करें, किसी प्रकार की अनैतिक कार्य में संलिप्तता पाए जाने पर सम्बंधित पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर को बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023 - 24 में नागरिक आपूर्ति निगम में जिले के 79 मिलरों को जारी डीओ का अनुपातिक चावल 142543 मेट्रिक टन जमा करना है जिसमें से अब तक 124836 मेट्रिक टन चावल जमा किया गया है। 6 मिलरों ने 50 प्रतिशत से कम चावल जमा कराया है जिसमें जेडी एग्रो इंडस्ट्रीज, यश मॉडर्न फ़ूड प्रोडक्ट, जेबी राइस मिल, अमित फूड्स, आदित्य राइस इंडस्ट्रीज और प्रमोद चावल उद्योग शामिल हैं। इसी प्रकार एफसीआई में 84 मिलरों को जारी डीओ का अनुपातिक चावल 219472 मेट्रिक टन जमा करना है जिसमें से अब तक 150846 मेट्रिक टन चावल जमा किया गया है। 8 मिलरों ने 50 प्रतिशत से कम चावल जमा कराया है जिसमें जेडी एग्रो इंडस्ट्रीज, लक्ष्मी ट्रेडर्स, श्री बालाजी राइस मिल, जयराम राइस मिल, श्री कृष्णा राइस मिल, आशा राइस मिल, श्री राम एग्रो इंडस्ट्रीज और सेठ बंशीधर केडिया चावल शामिल हैं।
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