विधायक देवेंद्र यादव की बढ़ी न्यायिक हिरासत, जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में हुई आगजनी, हिंसा, तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तार भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की न्यायिक हिरासत 9 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। आज उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया था। इस दौरान विधायक देवेंद्र यादव की ओर से जमानत याचिका पेश की गई जिसपर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
बलौदा बाजार में 10 जून को सतनामी पंथ के प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।
बलौदा बाजार पुलिस ने देवेंद्र यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 386/2024 के तहत दर्ज अपराध में विधायक के ऊपर धारा 153A, 501(1), 505(1)(B), 501(1)(C), 109, 120 B, 147, 148, 149, 186, 353, 332, 333, 307, 435, 436, 341, 427 भादवि और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 03, 04 के तहत सीटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की है।
आरोप है कि सतनामी समाज के प्रदर्शन में विधायक यादव शामिल हुए, इसी प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बलौदा बाजार में आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की घटना को अंजाम दिया था। इसमें बलौदा बाजार शहर के साथ ही संयुक्त जिला कार्यालय, कलेक्टर, एसपी कार्यालय और तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ के साथ आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना से सरकारी संपत्ति का 12.53 करोड़ रुपए के नुकसान होने का आंकलन किया गया था, इसी तरह से 240 सरकारी और निजी वाहन क्षतिग्रस्त हुई थी, जिनमें से 99 वाहनों को उपद्रवियों ने जलाकर खाक कर दिया था। इस मामले में पुलिस अब तक 184 लोगों की गिरफ्तारी कर चुकी है। इसी आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी करने के बाद बलौदा बाजार पुलिस की एसआईटी टीम ने 17 अगस्त को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया था। रात में न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायालय पहले तीन दिनों 20 अगस्त तक के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दी थी। तब से देवेंद्र यादव रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। हालांकि इस दौरान 20 अगस्त, 27 अगस्त और 3 सितंबर को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय में पेश किया गया है। तीनों ही बार मामला विवेचना में होने का हवाला देकर पुलिस न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग न्यायालय से करती रही है, लेकिन पिछली सुनवाई में विधायक देवेंद्र यादव की तरफ से अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर कई आपत्तियां भी दर्ज कराई थी। विधायक यादव के अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने न्यायालय में तर्क दिया था कि पुलिस ने बलौदा बाजार हिंसा, तोड़फोड़ आगजनी मामले में दर्ज 13 प्रकरणों में से 12 में चालान पेश कर चुकी है सिर्फ विधायक के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जानबूझकर इस एक प्रकरण में राजनीतिक द्वेष के कारण चालान प्रस्तुत करने में देरी की जा रही है। पुलिस के पास विधायक यादव के खिलाफ कोई साक्ष्य और सबूत नहीं है इस प्रकरण में विलंब करके मात्र विधायक के खिलाफ साक्ष्य और सबूत गढ़ा जा रहा है। सभी पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने 9 सितंबर तक की न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए पुलिस को निर्देशित किया था कि वे जल्द से जल्द विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करें। वही आज भी सुनवाई में पुलिस के तरफ से विधायक देवेंद्र यादव के मोबाइल जब्त करने के लिए पुलिस ने समय की मांग की। इस पर विधायक के तरफ से अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने आपत्ति दर्ज कराई और बताया कि गिरफ्तारी दिनांक को ही पुलिस विधायक से मोबाइल जप्त कर उसकी कद्र निकल चुकी है। विधायक देवेंद्र यादव के अधिवक्ता अनादि शंकर मिश्रा ने बताया कि विधायक की जमानत अर्जी न्यायालय में पेश की गई है जिस पर समय अभाव के कारण फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।
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