लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़, इस जिले में बीएमएस डॉक्टर कर रहा था एलोपैथी में उपचार

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पलारी विकासखंड के ग्राम पंचायत रोहांसी में संयुक्त कार्रवाई करने के दौरान पाया कि बीएमएस डॉक्टर द्वारा एलोपैथिक में उपचार किया जा रहा है। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब यह दवाखाना इतने लंबे समय से संचालित हो रहा था तो स्वास्थ्य विभाग क्या निगरानी कर रहा है। इतना ही नहीं जिस दवाखाना पर कार्रवाई हुई है वहां से जब्त की गई दवाइयों को देखेंगे तो पाएंगे कि कार्यवाही के नाम पर किस तरह से अधिकारी लीपापोती किए हैं। 
बलौदा बाजार में अवैध रूप से क्लीनिक का संचालन कर लोगों के स्वास्थ्य और जान से खिलवाड़ किए जाने की शिकायतें पिछले कई दिनों से लगातार जिला प्रशासन के पास पहुंच रही थी। इस पर कलेक्टर दीपक सोनी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कसडोल विकासखंड में संचालित कई अवैध क्लिनिक पर कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया था। वहीं अब पलारी विकासखंड के बंगाली दवाखाना पर छापा मार कर एसडीएम सीमा ठाकुर और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर बीएससी ध्रुव के नेतृत्व में टीम ने कार्यवाही करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। यह क्लीनिक बिना किसी वैध दस्तावेज और मेडिकल सर्टिफिकेट के चलाया जा रहा था, जिसमें सात बिस्तरों पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा भी थी। 

डॉक्टर नहीं दिखा पाया कागज
एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दौरान बंगाली दवाखाना का संचालन करने वाले बीएएमएस डॉक्टर एके दास ने मांगे जाने पर क्लीनिक के संचालन के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज या चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर टीम ने क्लीनिक से सभी दवाइयाँ जब्त कर लीं और पंचनामा तैयार किया। जब्त की गई दवाइयों को बीएमओ डॉक्टर बीएस ध्रुव को सुपुर्द कर दिया गया। इसके साथ ही, एसडीएम ने क्लीनिक को तुरंत बंद करने और जांच प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके तहत डॉक्टर को वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यवाही के संबंध में जब एसडीएम सीमा ठाकुर से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने अपना फोन नहीं उठाया। 

वर्मा क्लीनिक पर भी पड़ा छापा 

जांच कार्रवाई करने निकली एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहीं वर्मा क्लीनिक पर भी छापा मारा। संचालक ने एसडीएम को अपनी एमबीबीएस की डिग्री दिखाकर वैधता साबित की, जिसके बाद उस क्लीनिक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए गए।
 

प्रशासन की इस कार्रवाई से मचा हड़कंप 

बलौदा बाजार जिले में अवैध क्लीनिक और फर्जी डॉक्टर की बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में हर दिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में इस कार्रवाई से ऐसे बीएएमएस डॉक्टर, फर्जी डॉक्टर, झोला छाप डॉक्टर और क्लिनिक चलाने वाले लोगों में हड़कंप मंच गया है।

बंगाली दवाखाना पर कार्रवाई या बचाव, उठ रहा सवाल 

ग्राम रोहांसी के जिस बंगाली दवाखाना पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम छापा मारकर जांच शुरू की है उसपर सवाल खड़े हो रहे हैं। असल में कार्यवाही के पंचनामा की कॉपी को देखने पर पता चलता है कि टीम ने निरीक्षण जब किया तो वहां उन्हें नर्सिंग होम एक्ट के तहत दवा खाना का संचालन डॉक्टर असीम दास के पास कोई पंजीकृत दस्तावेज प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। दवा खाना में साथ बिस्तर का अस्पताल संचालित हो रहा था जहां मरीजों का इलाज एलोपैथिक किया जाता पाया गया। जबकि डॉक्टर असीम दास के पास एमबीबीएस की डिग्री नहीं है। उनके बोर्ड में नाम के साथ बीएएमएस लिखा हुआ है, इसका मतलब हुआ कि वह बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी की पढ़ाई किए हुए हैं। जिनके पास से टीम ने 30 सैंपल 2 एमएल का डाइक्लोफिनेक इंजेक्शन, मोनोसेफ 500एमजी 2 नग, आस्था इन सॉल्यूशन दो बोतल, आई ड्रॉप, नेबुलाइजर मशीन, बीपी मशीन मिला है।

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