सामूहिक नरसंहार पर मुख्यमंत्री ने की पीड़ित परिवार से बात, मुआवजा राशि की हुई घोषणा
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिला अंतर्गत का शेड्यूल थाना क्षेत्र के ग्राम छरछेद में हुई सामूहिक नरसंहार पर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जादू टोना के अंधविश्वास में आकर केवट परिवार के चार लोगों की बड़ी बेरहमी से गांव के ही एक परिवार ने हत्या कर दी थी। घटना के बाद से ही लगातार परिवार को न्याय और मुआवजा राशि दिलाने की मांग उठा रही थी। हालांकि पुलिस के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले में सम्मिलित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन मुआवजे के प्रकरण में किसी भी तरह के कार्यवाही नहीं हुई। इधर पहले पीढ़ित परिवार के लिए केवट समाज खड़ा हुआ और फिर कांग्रेस की तरफ से सात सदस्य जहां समिति गठित की गई। प्रदेश की राजनीति गरमाने पर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीढ़ित परिवार से वीडियो कॉल कर की। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आश्वस्त किया, साथ ही दुखद घटना पर परिवार का ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदा बाजार- भाटापारा जिले के ग्राम छरछेद में हुए जघन्य हत्याकांड पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों को 10 लाख रुपए की सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शाम वीडियो कॉलिंग के जरिए घटना में मृतक चैतराम केंवट के बड़े भाई भुवनेश्वर केंवट और माता मोंगरा बाई केंवट से बीतचीत की और ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। इस दुःख की घड़ी में हम आपके साथ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मेरी संवेदनाएं आपके साथ है। इस जघन्य हत्याकांड के अपराधियों को कठोर सजा दिलाने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है।
गृह जिले की घटना में एक सप्ताह बाद पहुंचे मंत्री, देरी से आने पर लोगों ने पूछा सवाल
छरछेद में 12 सितंबर को हुई जघन्य हत्याकांड के 1 सप्ताह बाद प्रदेश में मची भारी राजनीति के बाद आज पीड़ित परिवार से मिलने राजस्व एवं खेल युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा छरछेद पहुंचे थे। उन्हें गांव में प्रकार गांव के लोगों ने उनसे एक सप्ताह बाद आने पर सवाल पूछा। राजस्व मंत्री के गृह जिले में हुई इस घटना में देरी से आने पर लोगों के बीच मंत्री का यह रवैया चर्चा का विषय रहा।
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