अंधविश्वास में चार लोगों की हत्या, अब आया टोनही बोलकर पिटाई करने का यह नया मामला

गांवों में अशिक्षा और गरीबी के साथ अंधविश्वास भी निवास करता है। खासकर उन बस्तियों में जहां शिक्षा का अलख जगाने का काम तो पिछले 75 वर्षों में खूब हुआ लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वहां अब भी अशिक्षा, गरीबी और अंधविश्वास अपना पैर पसारे हुए है। यही वजह है कि गांवों में जादू टोना और झाड़ फूंक से पहले और अस्पताल और डॉक्टर से बाद में इलाज कराया जाता है। एक बड़ी वजह सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी, दवाइयों का शरीर पर असर नहीं करना, डॉक्टर और नर्स के साथ अस्पतालों के स्टाफ का व्यवहार लोगों को बैगा, गुनिया, झोला छाप डॉक्टर और उन अंधविश्वाशों के तरफ लेकर जाता है। 
बता दें बीते दिनों बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छरछेद में चार लोगों की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या करने वाले परिवार और मृतक परिवार एक ही गांव के हैं। अंधविश्वास, जादू टोना टोटका और झाड़ फूंक के शक में स्थिति यहां तक पहुंच गई। 
घर के अंदर घुसकर जान से मारने की धमकी देते हुए, टोनही कहकर मारपीट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। कसडोल के छरछेद में जादू टोना के अंधविश्वास में हुई चार लोगों की हत्या के बाद हरकत में आई पुलिस ने एक वर्ष से फरार आरोपियों पर सिटी कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है। 

हत्या के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिक लड़की, एक महिला और तीन पुरुष शामिल हैं। आरोपियों ने मीडिया में पूरे घटना का सिलसिलेवार खुलासा किया, कि कैसे उनका परिवार परेशान था। आरोपियों ने बताया कि उनकी लड़की के ऊपर शैतान आता था, हत्या करने वाले आरोपियों ने आरोप लगाया कि शैतान को मृतक परिवार की महिला उनकी बेटी के ऊपर भेजती थी। 

इस घटना के बाद बलौदा बाजार में घर के अंदर घुसकर जान से मारने की धमकी देते हुए, टोनही कहकर मारपीट करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की है। कसडोल के छरछेद में जादू टोना के अंधविश्वास में हुई चार लोगों की हत्या के बाद हरकत में आई सिटी कोतवाली पुलिस ने एक वर्ष से फरार आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है। 

बताया जा रहा है कि बलौदा बाजार के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम रिसदा में रहने वाली एक महिला को टोनही बोलकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्रार्थी के लिखित आवेदन पर कोतवाली पुलिस  रिपोर्ट दर्ज की है। थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक प्रार्थी की पत्नी आरोपी रिसदा निवासी सेवकराम 49 वर्ष और दयावती 38 वर्ष द्वारा घर अंदर घुसकर जान से मारने की धमकी देते हुए, गाली गलौज कर टोनही कहकर, मारपीट किया गया है। रिपोर्ट पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गवाहों के कथन और जांच के आधार पर अपराध क्र. 591/2023 धारा 294, 506, 452, 34 भादवि एवं टोनही प्रताडना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4,5 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अपराध दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार हो गए थे। सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। जिसमें आरोपियों ने प्रार्थी की पत्नी के साथ घर के घुसकर, टोनही कहते हुए उसके साथ मारपीट करना स्वीकार किया गया है। प्रकरण में दोनों आरोपियों को आज विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए जेल भेज दिया गया। 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। साथ ही गांव में अभी भी अंधविश्वास है ऐसे में पुलिस टोनही जैसे मामलों में कमी लाने के लिए लगातार जन जागरूकता फैलाने का काम कर रही है।

टिप्पणियाँ

narendra sahu ने कहा…
ऐसे मामलो मे आरोपी लोगो का मेमोरेंडम कथन लेकर उन झाड फुक करने वाले अन्धविश्वाश पैदा करने वाले बैगा लोगो पर भी कार्यवाही किया जाना चाहिए उनके खिलाफ हत्या जैसे अपराध को करने का दुसप्रेरान का अपराध कायम करना चाहिए तभी ऐसे अंधविश्वाश जगाने वाले बैगा लोगो को समझ आएगा... इन केस मे बैगा का बहलाने फुसलाने मे प्रमुख हाथ होता है..

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