बलौदा बाजार हिंसा और आगजनी मामले में पुलिस ने कोर्ट में इसे पेश कर बढ़ा दी मुसीबत
सतनामी पंथ के संस्थापक और प्रवर्तक गुरु बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी से लगे ग्राम महकोनी के अमर गुफा स्थित पंथ के धार्मिक प्रतीक चिन्ह जैतखाम को क्षति पहुंचाने की घटना 15-16 मई की रात हुई थी। पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए समाज ने विरोध जताया था। साथ ही 10 जून को सतनामी समाज ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने उग्र रूप धारण कर बलौदा बाजार के दशहरा मैदान से तोड़फोड़ करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था।
प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों ने बलौदा बाजार शहर को नुकसान पहुंचाते हुए तोड़फोड़ किया था। जगह जगह सड़क के बीच लगी डिवाइडर रेलिंग, बैनर पोस्टर लगाने के लिए लगे होर्डिंग बोर्ड, सीसीटीवी कैमरा, सड़क किनारे खड़ी आम लोगों की गाड़ियों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दिया था। साथ ही प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए वेरिकेट्स को तोड़ने के साथ ही भीड़ को शांत करने के लिए कैनन फायर ब्रिगेड की गाड़ी से किए गए पानी के छिड़काव से भड़ककर पहले फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में आग लगा दी थी। इस प्रदर्शन के दौरान कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे। साथ ही प्रदर्शनकारियों के पथराव से कई प्रदर्शनकारी चोटिल हुए थे। आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखने को मिला कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बल्कि तहसील कार्यालय में भी तोड़फोड़ की थी, गाड़ियों को आग के हवाले और आग लगाने से पहले गाड़ियों से कीमती सामान को लूट लिया था। इतना ही नहीं संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ करते हुए वहां आए हितग्राहियों और आम लोगों के साथ कर्मचारियों की 240 से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। साथ ही एसपी कार्यालय में आग लगा दिया था।
बलौदा बाजार में 10 जून को हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब तक पुलिस ने 178 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना के समय के फुटेज अभी भी खंगाले जा रहे हैं, जिसमें हर दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं। जिसमें प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है साथ ही इसी के आधार पर उपद्रव मचाने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी हो रही है।
10 जून को सतनामी समाज के प्रदर्शन के बाद बलौदा बाजार में हुई हिंसक घटना के मामले में पुलिस ने 13 एफआईआर दर्ज किए हैं। मामले में अब तक 178 आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है, साथ ही अन्य आरोपियों की खोजबीन चल रही है। इधर पुलिस अब कोर्ट में चालान पेश करना शुरू कर दी है। पुलिस ने दो चालान पेश किया है। इसमें अपराध क्रमांक 391/2024 जिसमें धारा 392, 394, 294, 506, 323, 435, 427, 395,186, 201 भादवी के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है का चालान पेश किया गया है। इस अपराध में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। बता दें कि यह एफआईआर पीएचई कार्यालय के सामने घटित हुई घटना पर दर्ज की गई थी। साथ ही अपराध क्रमांक 393/2024 में पुलिस ने धारा 436, 147, 148, 149 भादवी के तहत एफआईआर दर्ज कर 18 आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। तहसील कार्यालय परिसर में रजिस्ट्री कार्यालय के सामने बलौदा बाजार के रहने वाले नरेश भठ्ठर की कार जलाए जाने पर दर्ज इस एफआईआर में भट्टर की कार को उपद्रवियों ने तोड़फोड़ कर आग लगा दिया था। इन दोनों मामले में चालान पेश किया गया है। चालान पेश करने से अब आरोपियों की मुसीबत बढ़ेगी, क्योंकि अब उन्हें कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा, साथ ही हिंसा के समय के वीडियो फुटेज पुलिस के तरफ से प्रस्तुत की जा रही है, ऐसे में माना जा रहा है कि यह आरोपियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
तोड़फोड़, हिंसा और आगजनी मामले में पुलिस अब अगले कुछ दिनों में सभी मामले में चालान पेश कर देगी। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि दो मामलों में पुलिस चालान पेश कर दी है। वही अन्य मामलों में भी जल्द ही चालान पेश करने की तैयारी चल रही है। मामले में अब तक 178 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
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