बलौदा बाजार जिले में इस बीमारी ने पसारा पैर, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, डॉक्टरों को तैनात रहने किया गया अलर्ट
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में फैली गंदगी और गंदा पानी से इस बारिश के मौसम में अब तक 1213 लोग एक जल जनित रोग से बीमार हुए हैं। इसके कारण स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बीमारी के प्रसार को देखते हुए सीएमएचओ डॉ राजेश अवस्थी अब सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का दौरा कर डॉक्टरों को तैनात रहने और मरीज के आने पर अलर्ट रहने का निर्देश दे रहे हैं।
दरअसल बलौदा बाजार जिले में जून और जुलाई में ही 1213 मरीज डायरिया से पीड़ित मिले हैं। इसके कारण सीएमएचओ ने ओपीडी और वार्ड में डॉक्टर को हर समय मौजूद रहने के इंतजाम करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा है कि ड्यूटी रजिस्टर में यह दर्ज किया जाए कि डॉक्टर आ जाएं तभी ड्यूटी डॉक्टर को छोड़ा जाए। डॉक्टर हर मरीज को अटेंड करें और अनावश्यक मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करने से बचें। जिला अस्पताल तभी भेजें जब अतिआवश्यक हो। जिले में अब तक डायरिया के 1213 मरीज मिले हैं, जिसमें बलौदा बाजार में 535, भाटापारा में 92, कसडोल में 127, पलारी में 273 और सिमगा विकासखंड में 186 मरीज मिले हैं। इसमें कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां डायरिया फैली और बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमे तुर्मा, लेटर, डमरू, सिसदेवरी, बलोदी, गिर्रा आदि गांव शामिल हैं।
डायरिया फैलने के बाद बिगड़े हालात को देखते हुए सीएमएचओ डॉ राजेश अवस्थी पलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सीएमएचओ डॉ अवस्थी ने पलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना, साथ ही सीएचसी के चिकित्सकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान दवाइयों के उपयोग, इलाज करने के तरीके और मरीजों के साथ व्यवहार पर ध्यान देने कहा। मीडिया से बात करते हुए सीएमएचओ ने कहा कि गंदा पानी पीने के कारण लोग डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। बारिश में उबाल कर पानी पीना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग इलाज करने के साथ ही जागरूकता फैला सकता है जो स्वास्थ्य विभाग की टीम कर रही है। लेकिन डायरिया से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने और उबला पानी पीने, ताजा खाना खाने के साथ ही स्वच्छता का ध्यान रखना होगा।
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