बांग्लादेश के बिगड़े हालात, भारत को सतर्क रहना चाहिए

हाल-ए-बांग्ला 
श्रीलंका के बाद अब बांग्लादेश के नेता देश छोड़कर भाग गए। आगे पाकिस्तान के हालात ठीक नहीं है। पड़ोसियों के बिगड़ते हालात भारत के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। भारत के सभी बांग्लादेशी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा देना चाहिए। भारत अनावश्यक बोझ सहने की स्थिति में अभी नहीं है। ऐसे भी भारत में रोहिंग्या मुसलमानों और उससे पहले भी कई देशों में बिगड़े हालात के बाद भारत में शरणार्थियों की बड़ी आबादी रह रही है, जिसका बोझ यहां के मध्यमवर्गी उठा रहे हैं। बांग्लादेश स्वतंत्रता के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेशियों को भारत में शरण दिया गया था। जो आज तक वापस लौट नहीं पाए हैं, उनकी देश के जीडीपी में योगदान की बात की जाए तो अपराध में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में अब एक बार फिर जब बांग्लादेश के हालात ठीक नहीं हैं, और देखने को मिल रहा है की अगरतला में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी पहुंच रहे हैं ऐसे में इनपर कंट्रोल के लिए भारत सरकार को आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। अब देखने की बात होगी की भारत सरकार कब तक हालत पर काबू पाती है। क्योंकि शेख हसीना बांग्लादेश छोड़ चुकी हैं। बांग्लादेश में सैन्य शासन लागू हो चुका है। बिगड़ते हालात बता रहे हैं कि बांग्लादेश के लोग भारत के लिए संकट उत्पन्न कर सकते हैं। क्योंकि बांग्लादेश के लोग आतंकवाद को भी बहुत हद तक सपोर्ट करते हैं। वहां के नेताओं की सोच समझकर मदद करने की जरूरत है। सीमा पर विवाद की स्थिति निर्मित हो उससे पहले सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की जरूरत है। आंकड़े बताते हैं कि 2008 से पहले तक 2 करोड़ से ज्यादा बांग्लादेशी भारत में घुस कर यहां के व्यापार और दूसरे कामों को हथिया लिए हैं, ऐसे में और लोगों के आने से भारत में बेरोजगारी ओर भुखमरी बड़ेगी, भारत में अभी से महंगाई चरम पर है, अनावश्यक लोगों के आने से इसके और बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वकील बनने के लिए इस परीक्षा की नोटिफिकेशन हुई घोषित, जानिए तारीख

पुस्तकालयों की घटती संख्या और हम

छत्तीसगढ़ की मिट्‌टी