जिला गठन से पड़ने वाला फर्क
मध्यप्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर 2000 को जब नए राज्य के रूप में गठन हुआ तो इसका नाम राज्य में स्थित छत्तीस गढ़ों के ऊपर छत्तीसगढ़ रखा गया। ये 36 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्तर और दक्षिण भाग में स्थित रतनपुर और रायपुर राज के अधीन राजाओं के किले थे। इसमें रातनपुर के अंदर 18 और रायपुर के अंदर 18 गढ़ शामिल हैं। रतनपुर में शामिल रतनपुर, मारो, बिजयपुर, खरोद, कोटागढ़, नवागढ़, सोंथी, मल्हारगढ़, मुंगेली सहित पंडरभाट्ठा, सेमरिया, चांपा, बाफा, छुरी, केंडा, मातिन, उपरौरा, पेंड्रा, कुरकुट्टी और रायपुर में शामिल रायपुर, पाटन, सिमगा, सिंगारपुर, लवन, अमोरा, दुर्ग, सारडा, सिरसा, मोहदी, खल्लारी, सिरपुर, फिंगेश्वर, राजिम, सिंगनगढ़, सुअरमाल, टेंगनागढ़, अकलवारा हैं। जब राज्य बना उस समय राज्य में 16 जिले थे। ये जिले कोरिया, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कवर्धा, राजनागांव, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा थे। वहीं तीन संभाग रायपुर, बिलासपुर और बस्तर थे। राज्य की आबादी 2001 जनगणना के अनुसार 20795956 थी। राज्य में 11 मई 2007 को 2 नए जिले बनाए गए बीजापुर और नारायणपुर इसके बाद 1 जनवरी 2012 को 9 जिले बने। इनमें सुकमा, कोंडागांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदा बाजार-भाटापारा, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज। 10 फरवरी 2020 को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नाम से नया जिला बना। वहीं 15 अगस्त 2021 को चार नए जिले मनेंद्रगढ़-कोरिया, मोहला-मानपुर, सक्ति और सारंगगढ़- बिलाईगढ़ की घोषणा की गई। इस तरह वर्तमान छत्तीसगढ़ में 32 जिले और 5 संभाग हो गए हैं। वहीं आने वाले समय में 4 और जिले बनाए जाने की चर्चा है। जिससे राज्य में कुल 36 जिले हो जाएंगे। छत्तीसगढ़ में 36 जिलों की बात कही जा रही है।सही मायने में यह विकास के लिए हो रहा है, लेकिन राजनैतिक दृष्टि से देखें तो यह ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। जहां भाजपा के तीन पंचवर्षीय शासन काल में जहां 11 जिलों का निर्माण हुआ वहीं कांग्रेस ने पहले तीन साल में तो कोई जिला नहीं बनाया, लेकिन दूसरी पारी के पहले तीन साल में ही अब तक 5 जिलों का निर्माण कर दिया। वहीं आने वाले समय में 4 और नए जिले बनाने की बात कही जा रही है, इस तरह एक पंचवर्षीय में 9 जिले बनाए जाने से राज्य की जनसंख्या पर जहां महंगाई का भार बढ़ेगा, क्योंकि जिलों के निर्माण से वहां की व्यवस्था जिला स्तरीय और वहां पर तैनात होने वाले सरकारी अमला से लेकर होने वाले निर्माण और आधुनिक सुविधाओं के लिए खर्च होंगे। यह खर्च जनता से ही कर के रूप में वसूल किए जाएंगे। जहां एक तरफ लोगों को सुविधाएं मिलेंगी वहीं राज्य व्यवस्था में कसावट आएगी। जिला बनने का मतलब है हर जिले में नया कलेक्टोरेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पुलिस लाइन, जिला अस्पताल, जिला न्यायालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों का निर्माण और गठन होगा।
छत्तीसगढ़ के 32 जिले
1. कोरिया, 2. सरगुजा, 3. जशपुर, 4.रायगढ़, 5.कोरबा, 6.जांजगीर-चांपा, 7.बिलासपुर, 8.कवर्धा, 9.राजनागांव, 10.दुर्ग, 11.रायपुर, 12.महासमुंद, 13.धमतरी, 14.कांकेर, 15.बस्तर 16.दंतेवाड़ा। राज्य बनने के दौरान।
17.बीजापुर 18.नारायणपुर। 11 मई 2007 को बने।
19.सुकमा, 20.कोंडागांव, 21.बालोद, 22.बेमेतरा, 23.बलौदा बाजार-भाटापारा, 24.गरियाबंद, 25.मुंगेली, 26. सूरजपुर, 27.बलरामपुर-रामानुजगंज। 1 जनवरी 2012 को बने।
28. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। 10 फरवरी 2020 को बना।
29.मनेंद्रगढ़, 30.मोहला-मानपुर, 31.सक्ति, 32.सारंगगढ़- बिलाईगढ़। 15 अगस्त 2021 को घोषित हुए।
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