डब्ल्यूएचओ और फेसबुक कर रहे गुमराह, कोरोना का समर्थन कर रहे
डब्ल्यूएचओ कह रहा है कि #एचसीक्यूसी (हाईड्रोक्सिक्लोरोक्विन) कोरोना की दवा नहीं है। यह मकेरिया और दूसरी बीमारियों की दवा है।
अब सवाल यह उठता है कि फिर यह दवा कोरोना मरिजों को क्यों दी जा रही है?
दुनियाभर में कोरोना मरीजों को यह दवा देकर ठीक किया जा रहा है और दवाइयां लगातार दी जा रही हैं। #डब्ल्यूएचओ इन दवाओं का कोरोना मरीजों को वितरण किए जाने पर दिसंबर 2019 से अब तक कोई कार्रवाई दुनियाभर के देशों पर क्यों नहीं किया?
क्या डब्ल्यूएचओ की जिम्मेदारी नहीं है कोरोना संक्रमण को रोकाना?
डब्ल्यूएचओ लगातार कोरोना मामले में फेल रहा है। न तो अब तक दवा खोज पाया, न ही यह कैसे फैल रहा इसकी सही जानकारी दे पाया और न ही कोरोना फैलाने वाले मामले में चीन के खिलाफ कार्रवाई किया है। उल्टे चीन का साथ देने वाली एक मात्र संस्था डब्ल्यूएचओ ही है। वरना अब तक डब्ल्यूएचओ चीन के खिलाफ कार्रवाई जरुर करता। शक है कि डब्ल्यूएचओ के अधिकारी चीन से मोटी रिश्वत लेकर हाईड्रोक्सिक्लोरोक्विन जो कि कोरोना मरीजों को दी जा रही है मरीज जिससे ठीक हो रहे हैं को साजिश के तहत बदनाम करने के लिए कोरोना की दवा के रूप में शामिल नहीं होने देना चाहते हैं। डब्ल्यूएचओ के भ्रष्ट अधिकरी न सिर्फ चीन से रिश्वत लिए हुए हैं बल्कि वे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से मिलकर दवाओं को बदनाम कर रहे हैं जिससे कोरोना संक्रमण और बढ़े और मरीज उन दवाओं का सेवन न करें जिससे मृत्यु दर बढ़ जाए। यह संस्था दवा न बनने देने के लिए साजिश कर रही है।
#भारत सरकार, #अमेरिका, #रूस, #इटली #पेरु, #साउथाफ्रीका #अर्जेंटिना #ब्राजील #कोलंबिया, #मैक्सिको #स्पेन और दूसरे तमाम देशों के प्रमुखों से निवेदन है कि अब तक हुई मौत के लिए डब्ल्यूएचो को जिम्मेदार ठहराते हुए इस संस्था को बंद करने की घोषणा की जाए।
इस संस्था का भरपूर साथ #फेसबुक दे रहा है। डब्ल्यूएचओ का हवाला देकर जन जागरूकता वाले पोस्ट, कमेंट को लोंगो वाॅल से फेसबुक साजिश के तहत हटा रहा है। जिन दवाओं से लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त हो रहे हैं। उनको गलत बताकर लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रगा है। दोनों संस्थान मानव विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इसलिए इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
डब्ल्यूएचओ दुनिया को गुमराह करना बंद करो।
कुछ भी बयान बाजी #डब्ल्यूएचओ कर रहा है।
#डब्ल्यूएचओमुर्दाबाद
#फेसबुकमुर्दाबाद
टिप्पणियाँ