यौन हिंसा: महिलाएं अपने खिलाफ हो रही घटनाओं पर लड़ने आ रही सामने


बिलासपुर। यौन हिंसा उन्मूलन के लिए आज अंतर्राष्ट्रीय दिवस भले मना लें, बावजूद इसके यौन हिंसा की घटनाओं पर देश में कोई कमी आई हो देखने नहीं मिल रही है। राज्य सरकार, केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट कई कानून बनाए हैं। इसके पालन सख्ती के साथ किए भी जा रहे हैं। यौन हिंसा पीड़ित भी अब ऐसी घटनाओं के खिलाफ खुलकर लड़ने के लिए सामने आ रही हैं। तमाम कोशिशें की जा रही हैं ताकि घटनाओं को रोका जा सके। अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के मसले इससे भी अच्छा है कि लोगों में यौन हिंसा के बारे में जानकारी और जागरूकता आए। हाल ही में घटी चार घटनाओं जिसमें पीड़ित खुद रसूखदार आरोपियों के खिलाफ लड़ने का निर्णय लीं और कोर्ट से सजा दिलवाई।


केस -1

आदर्श किड्जी स्कूल के प्राचार्य को 5 साल की सजा

आदर्श किडजी स्कूल के प्राचार्य उत्तम वालके ने 2.5 वर्ष की स्कूली छात्रा के साथ यौन शोषण किया। मामले में फास्टट्रैक कोर्ट ने आरोपी प्राचार्य को 5 साल की सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।


केस-2

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपियों 25-25 साल की सजा

देवरीखुर्द की 13 साल की बच्ची के साथ चार आरोपियों मनोज वाडेकर, चरण सिंह चौहान, ईश्वर ध्रुव और नागेश्वर रजक ने दुष्कर्म किया। सभी रसुखदार थे, उनके खिलाफ नाबालिग की शिकायत की। मामले में कोर्ट ने सभी आरोपियों को 25-25 साल की सजा सुनाई।


केस-3

महिला कर्मचारी ने डाॅक्टर के खिलाफ की यौन उत्पीड़न की शिकायत

सेंदरी अस्पताल के डॉ. बीके बनर्जी ने महिला कर्मचारी का यौन उत्पीड़न किया। पीड़ित गर्भवती हो गई। शिकायत पर पुलिस यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश की। मामला कोर्ट में लंबित है।


केस-4

पुलिसकर्मी ने शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, मामला कोर्ट में लंबित

कोरबा जिले के उरगा थाने में पदस्थ आरक्षक महसिंग सिदार ने अपनी पहचान छुपा कर केटरिंग का काम करने युवती के साथ दुष्कर्म किया। शादी का झांसा देता रहा, लेकिन शादी नहीं किया। युवती की शिकायत पर आरोपी पुलिसकर्मी खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया। मामला कोर्ट में लंबित है।

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