हर जगह हावी है भाई भतीजावाद
#भाई-#भतीजावाद
#Nepotism_in_world
#nepotism #nepotism_in_bollywood
बॉलीवुड में एक युवक कलाकार की आत्महत्या के बाद नेपोटिज्म अर्थात भाई भतीजावाद की चर्चा एक बार फिर से लहर में है। यह भाई भतीजावाद ना सिर्फ बॉलीवुड में अपितु विश्व के हर संगठन में देखने को मिल रहा है। मैं पत्रकारिता में हूं और दावे से कह रहा हूं कि यह क्षेत्र भी भाई भतीजावाद से अधूरा नहीं है। नेपोटिज्म से पूर्णतः ग्रसित क्षेत्र है। यहां बढ़ वही पाता है जिसके आका(अंकल, भैया) इस फिल्ड के बढ़े ओहदे पर होते हैं। हाल ही में एक सिंगर ने गायकी के क्षेत्र में भी नेपोटिज्म की बात स्वीकार की। उन्होंने यह स्वीकार किया कि गायन के क्षेत्र में भी गायकों को सही मंच नहीं मिल रहा है। इससे पहले एक महिला कलाकार ने तो खुलकर आरोप लगाया कि कलाकारों को ऑडिशंस में छांटा जा रहा है। सेलिब्रिटी की औलादों को सभी मौका दे रहे हैं। वहां बाॅलिवुड में बाहरी लोगों काम नहीं दिया जा रहा है। जिससे बाॅलीवुड के बाहर के प्रतिभाशाली कलाकारों की प्रतिभा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। कुछ घराने बॉलीवुड पर कब्जा कर लिए हैं। इस मामले में मेरा मानना है कि ना सिर्फ बॉलीवुड में कुछ घरानों का कब्जा है बल्कि मीडिया, अखबार, गायकी, व्यंजन, होटल, गृह उद्योग, स्वयं सेवी संस्थान और सरकार बनाने वाली पार्टियों में भी कुछ घरानों का कब्जा है। मीडिया जहां सिर्फ विशेष वर्ग के लोगों को ही अपना टारगेट बनाकर खबरें दिखा रही है। तो अखबारों में काम करने वाले उच्च अधिकारी सिर्फ भाई भतीजा को नौकरियां और पत्रकारों अवसर दे रहे हैं। यही हाल मैं अन्य प्राइवेट संस्थान और सरकारी संस्थानों में भी देख रहा हूं। भाई भतीजावाद के प्रभाव से कोई नहीं बच पाया है यहां पुलिस विभाग की नौकरी हो या हाईकोर्ट में भर्ती, जजों की नियुक्ति तक भाई भतीजावाद देखकर की जा रही है। ऎसे में समझा जा सकता है कि नेपोटिज्म अपनी जड़े कितना गहराई तक जमा चुका है। कई लोग कहते हैं कि भ्रष्टाचार की जड़े गहरी हैं, लेकिन मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि भाई भतीजावाद की जड़ों के ऊपर भ्रष्टाचार एक छाल की तरह चीपका हुआ है। सरकारी संस्थान में नौकरी सिर्फ भाई और भतीजों को दी जा रही हैं। इसमें सबसे ताजा उदाहरण यूनिवर्सिटी और रेलवे में देखने को मिल जाएगा। बात भी विश्व की करें तो हाल ही में खबर आई है कि ब्रिटेन और अमेरिका में अश्वेत लोगों को मारा जा रहा है वहां से खदेड़ा जा रहा है। अर्थात वहां भी भाई भतीजावाद हावी हो चुका है। मूल निवासी काले लोगों को गोरे लोग मार रहे हैं इसका मतलब साफ है कि वे गोरों को वह स्थान देना चाहते हैं जो वर्तमान में अश्वेत लोगों के पास है। इसके अलावा प्रवासियों को भी बाहर भगाने की तैयारी हो चुकी है। कई देश से भारतीय मजदूरों को भी भगा दिया गया है। इसमें प्रमुख नाम चीन का है।
टिप्पणियाँ