कोरोना वायरस: चाइना की गंदी चाल से दुनिया परेशान, उपचार घरेलू उत्पाद

चीन के वुहान शहर में सबसे पहले कोरोना वायरस फैला। चीन सरकार का दावा है वुहान से किसी को बाहर निकलने नहीं दिया गया। इसकी वजह से चीन के दूसरे बड़े शहरों में कोरोना नहीं फैला। यह गंदी चाल चीन की सरकार के द्वारा चली गयी। ऐसे ही चाल कम्युनिस्ट चलते हैं। चीन हमेशा से ऐसी चालें अपने से छोटे देशों को तबाह करने के लिए चलता रहा है। चीन फिलहाल समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था को अपनाया है, जिसके अधीन पूंजीवा और अधिकारवादी राजनैतिक नियंत्रण सम्मिलित है। ऐसे में इस देश से कोरोना का फैलाव होना और उसी देश के दूसरे शहरों में प्रभाव न पड़कर दुनियाभर में इस महामारी के फैल जाने से चीनी चाल साफ दिखता है। आंकड़े बता रहे है कि चीन में जहां तीन हजार मौतें हुई हैं। वहीं अकेले इटली में दस हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। तबाही का आलम है। डब्लू एच ओ की माने तो संक्रामक रोग है।
परिचय:- कोरोना वायरस (COVID-19) एक संक्रामक रोग है। यह एक नए तरह के वायरस की वजह से होता है जिसे पहले कभी इंसानों में नहीं देखा गया। (WHO)। 

रोकथाम :- विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोरोना वायरस (COVID-19) को रोकने के लिए, फिलहाल किसी तरह का टीका नहीं है। आप संक्रमण को होने से रोक सकते हैं,अगर आप:
1. अल्कोहल वाले सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करते हैं या साबुन और पानी से अक्सर अपने हाथ साफ करते हैं।
2. खांसने और छींकने के दौरान टिश्यू पेपर से या कोहनी को मोड़कर, अपनी नाक और मुंह को ढक रहे हैं।
3. ठंड या फ्लू जैसे लक्षणों वाले किसी भी व्यक्ति के साथ निकट संपर्क (1 मीटर या 3 फीट) से बचते हैं।

भारत और भारतीय जनता की गलती
घरेलू उत्पाद पर भरोसा न कर भारत के लोगों ने सस्ते दामों में मिलने वाले चाइनीज़ सामानों को खरीदा। सिलाई की सुई से लेकर मोबाइल, कपड़े, जूते, पटाखे यहां तक की टायलेट में लगने वाले सीट, वायर और घरेलू टाइल्स तक चाइनीज उपयोग कर रहे हैं। इससे चाइना आर्थिक रूप से मजबूत होता जा रहा है वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय जनता चाइनज उत्पाद के अधीन होते जा रहे हैं। अब जबकि चीन से कोरोना वायरस फैला या फैलाया गया तो चीन इसे जान बूझकर फैलने दिया। चीन सरकार चाहती तो जैसे वायरस वुहान शहर तक चीन में सीमित रह गयी वैसे ही यह वायरस दुनियाभर में फैलता ही नहीं । लेकिन इससे चीन को अपना ताकत दिखाने का मौका न मिलता, दुनिया के सामने चीन अपना ताकत दिखाने वायरस ग्रसित लोगों को उनके देश जाने दिया और यह आगे महामारी का रूप ले ली। ताकि दुनियाभर के लोग चाइना से दवाइयां खरीदे । क्योंकि यह वायरस दुनियाभर में भले ही तबाही मचा रहा हो लेकिन यह चाइना के कुछ शहरों तक ही सीमित रहा। इससे साफ होता है कि चाइना के पास वायरस का समाधान पहले से तैयार था। इसके विपरीत अगर बात भारत की करें यहां के अपने घरेलू उत्पाद और आयुर्वेद, होम्योपैथी चिकित्सा विज्ञान की बात करें तो हजारों साल में भी आजतक आयुर्वेद पर देश के लोगों को भरोसा नहीं है। इसके पीछे भी सरकारी तंत्र है। सरकार खुद नहीं चाहती आयुर्वेद का विकास हो। जबकि भारतीय विज्ञान में इतनी ताकत है कि वह कोरोना जैसी हजारों संक्रमणकारी बीमारियों से निपट सकती है। लेकिन रिश्वत खोर सरकारी तंत्र ने आयुर्वेद को पीछे छोड़कर अंग्रेजी दवाओं से लगातार करार कर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर चीन सरकार ने दुनियाभर को आर्थिक रूप से पीछे करने के लिए सोची समझी चाल चली और आज यह कारगर होती जा रही है। क्योंकि भारत को छोड़कर और किसी भी देश के पास आयुर्वेद नहीं है। पूरी दुनिया जहां जानवरों के मांस व हड्डियों से बनी दवाओं के प्रयोग पर लगी है वहीं अगर भारत सरकार ध्यान दे और देश के आयुर्वेदिक चिकित्सा विज्ञान में खर्च करे तो आयुर्वेद के जानकार सस्ती दवाइयां तैयार कर देंगे। जो अधिकतर जड़ी बूटियों से तैयार होंगी। दादी नानी के घरेलू नुस्खे भी इस बीमारी में कारगर साबित होंगे। 

उपाय:- सर्दी, बुखार होने पर भारतीय मान्यता रही है यह छुआछूत की बीमारी होती है। जो एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। कोरोना में यह साबित हुआ है। घरेलू उपचार जो अपनाए जाने चाहिए वह व्यक्ति के शरीर को मजबूत करने वाला होना चाहिए। क्योंकि अभी तक कोरोना की कोई कारगर दवा खोजी नहीं गई है इसलिए इंसान के इम्यून सिस्टम को‌ मजबूत करने में हल्दी, तुलसी, गिलोय, काली मिर्च, कपूर पानी का भाफ, गरम पानी व नमक का गलारा, सोते समय गरम दूध, हल्दी वाला दूध, अदरक या सोठ वाला दूध शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हुए बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को मजबूत करता है। यह चिकित्सा विज्ञान में साबित हुआ है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि चाइना के साथ चाइनीज उत्पाद का उपयोग बंद करना होगा।

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