उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा भाजपा के पास अधिक सीट पाकर कांग्रेस का सिर्फ पंजाब पर कब्जा
उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा और पंजाब के चुनाव परिणाम सामने
हैं। 2 राज्यों पर भाजपा ने पूर्ण तो एक में गठबंधन कर सरकार बनाने का दावा
किया है। वहीं कांग्रेस को दो राज्यों में सरकार बनाने का मौका मिलेगा।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड और गोवा में भाजपा ने सरकार बनाने का दावा की
है। इसमें उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत मिली हुई है। जबकि
गोवा व मणीपुर में दूसरी पार्टी के समर्थन लेकर सरकार बना चुकी है। भाजपा
के नेताओं ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है। वहीं 3 राज्यों में अधिक सिट
लाने के बाद भी मात्र पंजाब में सरकार बनाने वाली कांग्रेस नेता राहुल
गांधी के पप्पूपन को उजागर कर दिखाी है।
चुनाव परिणाम में गहराई से नजर डाले तो बहुत सारी चीजें जो भाजपा के पक्ष में है। वहीं कई बातें ऐसी भी हैं जो कांग्रेस के पक्ष में है। इन सब के बीच कई बातें ऐसी भी हैं जो कांग्रेस को भाजपा के इर्द गिर्द भी नहीं लाती...
चलिए बात करते हैं भाजपा और कांग्रेस के जीत पर...
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। यही हाल उत्तराखंड के साथ भी रहा है। समझने के लिए वर्ष 2011 के जनगणना पर नजर डालते हैं तो पाते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 199,812,341 है। जबकि क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किमी है। आबादी के दृष्टि से उत्तर प्रदेश चीन, भारत, अमेरिका और इंडोनेशिया के बाद 5 वें स्थान पर है। मतलब भाजपा की उत्तर प्रदेश जीत का अंदाजा लगाया जा सकता है। समझ सकते हैं कि यह जीत कितनी बड़ी है। जबकि इसी राज्य का प्रतिनिधित्व पिछले पांच वर्षों से समाजवादी सरकार कर रही थी। उसके गठबंधन में उत्तरप्रदेश चुवाव लड़ने कांग्रेस उतरी थी। मतलब करारी हार कांग्रेस के पाले में ही आई है। कांग्रेस यहां बहुत दूर नजर आई है। उत्तर प्रदेश में भाजपा गठबंधन को 325, कांग्रेस व समाजवादी पार्टी को 56 और बसपा को 19 सीटें मिली। इसके बाद बात करते हैं उत्तराखंड की। यह पर्यटन के क्षेत्र के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड की आबादी 2011 के जनगणना पर नजर डाले तो यह 10,086,292 है। जबकी इसका क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है। इस लिहाज से यह भी बड़ा राज्य है। जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की है। यहां भाजपा को 57, कांग्रेस को 11 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं। स्पष्ट बहुमत देकर जनता ने कांग्रेस से मुंह मोड़ जवाब दिया है।
जीत की बात करें तो कांग्रेस के पाले में पंजाब आया है उड़ता पंजाब। पंजाब की आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 27,743,338 जबकि क्षेत्रफल 50,362 वर्ग किमी है। कांग्रेस को यहां 77, आम आदमी पार्टी 22 और आकाली दल व भाजपा गठबंधन को 18 सीटें मिली है। उड़ता पंजाब कांग्रेस के पाले में गया तो है,लेकिन यह हुआ है पंजाब में भारी उथल-पुथल के कारण। श्रेय अगर राहुल गांधी को दें तो यह चूतियापा से कम नहीं होगा। क्योंकि भाजपा से सांसद रहे पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धु के कांग्रेस जाने से यह सब कुछ हो पाया है। यह कहना गलत नहीं होगा। चुनाव से ठीक पहले सिद्धू के कांग्रेस ज्वाइन करने का फायदा निश्चित ही कांग्रेस को मिली है यह मानना ही होगा।
कांग्रेस के पाले में यूं तो गोवा भी था, लेकिन गोवा हाथ से निकल गया है और मणिपुर भी पाले से बाहर चला गया। दोनों जगहों पर कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिली लेकिन कांग्रेसी नेताओं ने सरकार नहीं बना पाए। मणिपुर और गोवा में भाजपा ने सरकार बनाया। मणीपुर के बारे में बात कर रहे हैं तो थोड़ा उसके बारे में जान भी लें। मणिपुर का शाब्दिक अर्थ भी ‘मणि की धरती’ या ‘रत्नों की भूमि’ है। मणिपुर में प्रकृति की सुंदरता और भव्यता भरपूर है। हिरणों की दुर्लभ प्रजाति संगाई और सिरोइ के पहाड़ों पर उगने वाली ‘सिरोय लिलि’ यहां पाई जाती है। सेंट क्लेर ग्रिमवुड ने मणिपुर का ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों से भी सुंदर जगह’ के तौर पर वर्णन किया था। पंडित जवाहर लाल नेहरु ने ‘भारत का रत्न’ कह कर बिलकुल उपयुक्त तरीके से इस स्थान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी। मणिपुर की आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 2,966,889 और क्षेत्रफल 22,327 वर्ग किमी है। मणिपुर में कांग्रेस को 28 विधायक जीते, बीजेपी के 21 और लेफ्ट को 1 सीट मिली है। इसके बाद भी कांग्रेस की यहां सरकार भाजपा ने बना ली। वहीं गोवा की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 1,458,545 और क्षेत्रफल 3702 वर्ग किमी है। यहां कांग्रेस को 18, भाजपा को 14 और अन्य को 8 सीटें मिली है। गोवा में अन्य ने भाजपा को सपोर्ट कर दिया और सरकार भाजपा की बन गई।
कुल मिलाकर यह चुनाव मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा और सपा के बीच हुआ। इसमें आम आदमी पार्टी और बसपा की भूमिका नगण्य रही। जब इतनी बातें कर लिए की भाजपा व कांग्रेस और सपा में मुख्य चुनाव हुआ तो अब कांग्रेस और भाजपा के जीते राज्यों की जनसंख्या के आधार पर हिसाब लगाते हैं कि जीत किसकी बड़ी है। राज्य के हिसाब से जहां कांग्रेस आगे है वह तीन राज्यों में ज्यादा सीटें जीती हैं। वहीं भाजपा 2 राज्यों में। भाजपा उत्तर प्रदेश में 325 सीटें, उत्तराखंड में 57 सीटें, मणिपुर में 21, गोवा में 14, पंजाब में 18 पाई है। इस तरह पांचों राज्यों में भाजपा के कुल 435 विधायक जीते। वहीं कांग्रेस की बात करें तो मणिपुर में 28, गोवा में 18, पंजाब में 77, उत्तरप्रदेश में 56 और उत्तराखंड में 11 अर्थात कुल 190 विधायक जीते। जहां कांग्रेस सरकार बनाने में पीछे रह गई, वहीं विधायकों को जीता पाने भी पीछे रह गई।
चुनाव परिणाम में गहराई से नजर डाले तो बहुत सारी चीजें जो भाजपा के पक्ष में है। वहीं कई बातें ऐसी भी हैं जो कांग्रेस के पक्ष में है। इन सब के बीच कई बातें ऐसी भी हैं जो कांग्रेस को भाजपा के इर्द गिर्द भी नहीं लाती...
चलिए बात करते हैं भाजपा और कांग्रेस के जीत पर...
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। यही हाल उत्तराखंड के साथ भी रहा है। समझने के लिए वर्ष 2011 के जनगणना पर नजर डालते हैं तो पाते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 199,812,341 है। जबकि क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किमी है। आबादी के दृष्टि से उत्तर प्रदेश चीन, भारत, अमेरिका और इंडोनेशिया के बाद 5 वें स्थान पर है। मतलब भाजपा की उत्तर प्रदेश जीत का अंदाजा लगाया जा सकता है। समझ सकते हैं कि यह जीत कितनी बड़ी है। जबकि इसी राज्य का प्रतिनिधित्व पिछले पांच वर्षों से समाजवादी सरकार कर रही थी। उसके गठबंधन में उत्तरप्रदेश चुवाव लड़ने कांग्रेस उतरी थी। मतलब करारी हार कांग्रेस के पाले में ही आई है। कांग्रेस यहां बहुत दूर नजर आई है। उत्तर प्रदेश में भाजपा गठबंधन को 325, कांग्रेस व समाजवादी पार्टी को 56 और बसपा को 19 सीटें मिली। इसके बाद बात करते हैं उत्तराखंड की। यह पर्यटन के क्षेत्र के लिए जाना जाता है। उत्तराखंड की आबादी 2011 के जनगणना पर नजर डाले तो यह 10,086,292 है। जबकी इसका क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है। इस लिहाज से यह भी बड़ा राज्य है। जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की है। यहां भाजपा को 57, कांग्रेस को 11 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं। स्पष्ट बहुमत देकर जनता ने कांग्रेस से मुंह मोड़ जवाब दिया है।
जीत की बात करें तो कांग्रेस के पाले में पंजाब आया है उड़ता पंजाब। पंजाब की आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 27,743,338 जबकि क्षेत्रफल 50,362 वर्ग किमी है। कांग्रेस को यहां 77, आम आदमी पार्टी 22 और आकाली दल व भाजपा गठबंधन को 18 सीटें मिली है। उड़ता पंजाब कांग्रेस के पाले में गया तो है,लेकिन यह हुआ है पंजाब में भारी उथल-पुथल के कारण। श्रेय अगर राहुल गांधी को दें तो यह चूतियापा से कम नहीं होगा। क्योंकि भाजपा से सांसद रहे पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धु के कांग्रेस जाने से यह सब कुछ हो पाया है। यह कहना गलत नहीं होगा। चुनाव से ठीक पहले सिद्धू के कांग्रेस ज्वाइन करने का फायदा निश्चित ही कांग्रेस को मिली है यह मानना ही होगा।
कांग्रेस के पाले में यूं तो गोवा भी था, लेकिन गोवा हाथ से निकल गया है और मणिपुर भी पाले से बाहर चला गया। दोनों जगहों पर कांग्रेस को ज्यादा सीटें मिली लेकिन कांग्रेसी नेताओं ने सरकार नहीं बना पाए। मणिपुर और गोवा में भाजपा ने सरकार बनाया। मणीपुर के बारे में बात कर रहे हैं तो थोड़ा उसके बारे में जान भी लें। मणिपुर का शाब्दिक अर्थ भी ‘मणि की धरती’ या ‘रत्नों की भूमि’ है। मणिपुर में प्रकृति की सुंदरता और भव्यता भरपूर है। हिरणों की दुर्लभ प्रजाति संगाई और सिरोइ के पहाड़ों पर उगने वाली ‘सिरोय लिलि’ यहां पाई जाती है। सेंट क्लेर ग्रिमवुड ने मणिपुर का ‘दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों से भी सुंदर जगह’ के तौर पर वर्णन किया था। पंडित जवाहर लाल नेहरु ने ‘भारत का रत्न’ कह कर बिलकुल उपयुक्त तरीके से इस स्थान के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी। मणिपुर की आबादी 2011 के जनगणना के अनुसार 2,966,889 और क्षेत्रफल 22,327 वर्ग किमी है। मणिपुर में कांग्रेस को 28 विधायक जीते, बीजेपी के 21 और लेफ्ट को 1 सीट मिली है। इसके बाद भी कांग्रेस की यहां सरकार भाजपा ने बना ली। वहीं गोवा की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 1,458,545 और क्षेत्रफल 3702 वर्ग किमी है। यहां कांग्रेस को 18, भाजपा को 14 और अन्य को 8 सीटें मिली है। गोवा में अन्य ने भाजपा को सपोर्ट कर दिया और सरकार भाजपा की बन गई।
कुल मिलाकर यह चुनाव मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा और सपा के बीच हुआ। इसमें आम आदमी पार्टी और बसपा की भूमिका नगण्य रही। जब इतनी बातें कर लिए की भाजपा व कांग्रेस और सपा में मुख्य चुनाव हुआ तो अब कांग्रेस और भाजपा के जीते राज्यों की जनसंख्या के आधार पर हिसाब लगाते हैं कि जीत किसकी बड़ी है। राज्य के हिसाब से जहां कांग्रेस आगे है वह तीन राज्यों में ज्यादा सीटें जीती हैं। वहीं भाजपा 2 राज्यों में। भाजपा उत्तर प्रदेश में 325 सीटें, उत्तराखंड में 57 सीटें, मणिपुर में 21, गोवा में 14, पंजाब में 18 पाई है। इस तरह पांचों राज्यों में भाजपा के कुल 435 विधायक जीते। वहीं कांग्रेस की बात करें तो मणिपुर में 28, गोवा में 18, पंजाब में 77, उत्तरप्रदेश में 56 और उत्तराखंड में 11 अर्थात कुल 190 विधायक जीते। जहां कांग्रेस सरकार बनाने में पीछे रह गई, वहीं विधायकों को जीता पाने भी पीछे रह गई।
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