पार्टी अभी रजिस्टर्ड नहीं हुई और भिड़ गए बाप-बेटा
तमतमाए अजीत जोगी ने बोला पार्टी मेरी...मैं चलाऊंगा...
उत्तर प्रदेश में मुलायम और अखिलेश का किस्सा लोग अभी भूले नहीं हैं। उनकी हरकतों के कारण पार्टी की दुर्गति भी लोग देख लिए। यह वायका आप भूलेंगे भी कैसे बाप-बेटे के तकरार ने देश कि सियासत में नई रार जो ला दी थी। वो प्यार... तकरार… और राजनीति की चाल सब था। लेकिन विधानसभा घेराव के दौरान जो जोगी कांग्रेस के मंच पर हुआ…उसे आप क्या कहेंगे? प्यार या फिर तकरार... लेकिन जोगी कांग्रेस के मंच पर लोगों ने चुटकी जरूर ली। जोगी कांग्रेस में आखिर चलती किसकी है अमित की या फिर अजीत जोगी की।
दरअसल हुआ यूं कि जोगी कांग्रेस के विधानसभा घेराव के लिए मंच रायपुर के मंडी गेट पर लगी थी। आखिरी वक्ता के रूप में अजीत जोगी थे। फिर घेराव के लिए कूच करना था। अजीत जोगी पूरे शवाब पर थे। वे श्रोताओं की तालियों के बीच धारा प्रवाह बोले जा रहे थे। लेकिन वक्त भी गुजर रहा था। सो अजीत जोगी के बीच भाषण में ही अमित जोगी ने अपने कार्यकर्ताओं को विधानसभा कूच करने का निर्देश दे दिया। अमित का निर्देश था। सो कार्यकर्ता सभा छोड़ विधानसभा मार्च पर जाने लगे। बीच भाषण में लोगों का जाना अजीत जोगी को नागवार लगा। नजरें अमित की तरफ तरेरते हुए बोले – इ मोरे बेटा हे ना…!! कुछ पल के लिए सभा में सन्नाटा रहा..फिर कार्यकर्ताओं के नारों से चुप्पी टूटी। सभा के बीच से आवाज आयी.. जोगी जी बोलिये…हम सुन रहे हैं.. जोगी जी को बोलने दीजिये..! अजीत जोगी ने फिर से बोलना शुरू किया, बोले – जान रहा हूं आप लोग काफी देर से इंतजार कर रहे हैं..लेकिन मेरा बोलना भी जरूरी है। ये बोलते दो मिनट ही हुए होंगे कि अमित ने अपने कार्यकर्ताओं को दोबारा प्रदर्शन के लिए जाने का निर्देश दे दिए…। अमित के इस निर्देश पर तो अजीत जोगी तिलमिला गये…पहले तो एकटक गुस्से से अमित को देखा, फिर कहा- ये पार्टी मेरी है…इसे मैने बनाया है और मैं जैसा चाहूंगा वैसा ही होगा। पापा के गुस्से को देख अमित जोगी भी सहम गये। चेहरा बिल्कुल उतर गया और सभा में सन्नाटा छा गया। लेकिन उसके बाद जल्दी-जल्दी से अजीत जोगी ने अपना भाषण खत्म किया और सभी विधानसभा की तरफ कूच कर गए। दावा यह भी है कि इसी दिन मुख्यमंत्री निवास करने गए कांग्रेसियों के भीड़ से कई गुना भीड़ जोगी कांग्रेस के साथ थी। तब क्या कार्यकर्ता छोटे जोगी और बड़े जोगी के बीच इस तकरार को आगे के लिए मार्ग सही मानेंगे। क्योंकि अभी पार्टी रजिस्टर्ड नहीं हुई है... न ही इस पार्टी का चिन्ह और सही नाम अलाट हुआ है। क्योंकि पहले छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) पर चुनाव आयोग में आपत्ति जाने पर इसका नाम जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ -जे कर दिया गया है। बहरहाल जो भी हो आने वाला समय जनता कांग्रेस और कांग्रेस के बीच बड़ी बहस खड़ी करने वाली है...।
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