जनगणना 2001: उत्तर प्रदेश की आबादी पाकिस्तान से ज्यादा

उत्तर प्रदेश में इन दिनों चुनाव चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर देश भर की निगाहें इस चुनाव पर हैं। वजह साफ है, देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य में मुख्यमंत्री का चुनाव चल रहा है। यहां किस दल का मुख्यमंत्री चुना जाएगा यह ई‌वीएम के गर्भ में वोट बटन के माध्यम से डाला जा रहा है। बहरहाल हम बात कर रहे हैं चर्चा पर। तो बता देना चाहता हूं कि यह उत्तर प्रदेश के चुनाव में प्रधानमंत्री भी स्टार प्रचारक की तरह लगातार रैली और मंचीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश एक प्रदेश बस नहीं बल्कि अपने आप में कई देशों से बड़ा है। आबादी के क्षेत्र में अगर बात करुं तो पड़ोसी देश पाकिस्तान की आबादी भी उत्तर प्रदेश से कम है।
बीबीसी हिंदी की 2004 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार  2001 की जनगणना में उत्तर प्रदेश की आबादी पाकिस्तान की आबादी से ज्यादा हो गई थी। भारत की जनगणना के आंकड़ों में आबादी के लिहाज़ से उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जबकि लक्षद्वीप में सबसे कम लोग रहते हैं। भारत के महापंजीयक जेके बांठिया ने 2001 की जनगणना के विस्तृत आंकड़े जारी करते हुए शनिवार को दिल्ली में यह जानकारी दी थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने बताया कि 1991 से 2001 के बीच भारत की जनसंख्या में 18 करोड़ से भी ज़्यादा की वृद्धि हुई, यानी ब्राज़ील की अनुमानित जनसंख्या से भी ज़्यादा। उल्लेखनीय है कि ब्राज़ील का स्थान आबादी की दृष्टि से दुनिया में पांचवां है। बंथिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में साढ़े सोलह करोड़ से ज़्यादा लोग रहते हैं, यानी पाकिस्तान की अनुमानित आबादी से भी ज़्यादा। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है जिसकी आबादी 9.7 करोड़ है, जबकि बिहार में सवा आठ करोड़ से ज़्यादा लोग रहते हैं। दूसरी ओर लक्षद्वीप में मात्र 61 हज़ार लोग रहते हैं.
पूर्ण साक्षरता की राह पर बांठिया ने बताया कि साक्षरता के क्षेत्र में भारत ने हाल के वर्षों में भारी प्रगति की है। भारत की मौजूदा साक्षरता दर 64.8 प्रतिशत है। अलग-अलग देखा जाए तो भारत में पुरुष साक्षरता 75.3 प्रतिशत, और महिला साक्षरता दर 53.7 प्रतिशत है। यदि साक्षरता दरों की तुलना 1991 के आंकड़ों से की जाए तो पुरुष साक्षरता दर में 11 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जनगणना के चिंताजनक आंकड़ों में से एक है लैंगिक अनुपात का असंतुलन बढ़ना। भारत में 2001 के आंकड़ों के अनुसार 1000 पुरुषों पर 927 महिलाएँ हैं. जबकि 1991 के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं का अनुपात 945 था।

           अब इस चुनाव को दूसरे नजरिए से देखिए तो यहां कि आबादी कई गुना है। ऐसे में अगर भाजपा उत्तर प्रदेश में बहुमत पाती है और सरकार बनाती है तो मान लें कि पाकिस्तान पर भारत की बढ़त बन गई है। 

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