मोदी जी अब मान भी लिजीए कि जो बादल गरजते ज्यादा है वे बरसते कम हैं
देश के प्रधानमंत्री जी यह क्या करवा रहे हैं इससे देश में भूचाल मचा
हुआ है। आपकी वह मर्दानगी भरी बातें कहा गई जो राजस्थान की विधानसभा चुनाव
के दौरान और लोकसभा चुनाव के समय किया करते थे।“ भाईयों और बहनों...
मित्रों” कहां गया वह दावा जिसमें कहे थे कि सेना का एक जवान मारा जाएगा तो
हम कंदा कोडकर ले आएंगे पाकिस्तान से। अब भाजपा समर्थित पार्टी पीडीपी देश
की सरकार से पूछे बीना ही आंतकी को छोड़ देती है ताकि सेना के जवान मारे
जाएं यह कैसी कथनी और करनी है। मोदी जी... आपने जो देश के नौ जवानों को
वादा किया था वह झूठा निकला है। पहले 370 पर आपका 376 हो गया और अब आंतकी
पर 377 भी लग रहा है कर दी पीडीपी ने। माना तो ऐसा ही जा रहा है। आपकी कथनी
और करनी में उतना ही फर्क है जितना देश के पूर्व प्रधानमंत्री के कथनी और
करनी में होती थी। हर सवाल का जवाब देना पहले प्रधानमंत्री भी नहीं चाहते
थे और आप भी आपके और उनमें फर्क इतना ही है कि आप बोलते ज्यादा हो और वे
चुप ज्यादा रहते थे। अब तो आपको भी मान लेना चाहिए की कथनी और करनी में
फर्क होता है। जो बादल ज्यादा गरजते हैं वे बरसते कम हैं।
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