दिल्ली में गंदगी फैल रहा है, मजबूर जनता देख रही

आम आदमी पार्टी (आप) का सही मतलब कही अंदर अंदर पटकनी ( आप) तो नहीं है। अभी जो दौर दिल्ली में आप के अंदर चल रहा है उसे देखकर तो यही मतलब निकाला जा रहा है। पहले दिल्ली के लोगों ने 49 दिन की सरकार बनाने का मौका दिया। उसके बाद 67 विधायक जीता कर पूर्ण बहुमत दिए, ताकी पुरानी गंदी हो चुकी व्यवस्था में साफ सुथरे लोग आकर सुधार करें। मौका मिलने के बाद ये आदर्श लोग, सच्चे इमानदार लोग जो गंदगी फैला रहे है उसे कैसे दूर किया जाएगा। यह अब सोच का विषय होता जा रहा है। अभी जो गंदगी ये लोग कर रहे हैं उसको देखकर तो बस एक कहानी याद आती है। जो कुछ इस तरह है...बहुत साल पहले एक व्यापारी के गोदाम में चुहे बहुत गंदगी और नुकसान पहुंचा रहे थे। इससे ब्यापारी को घाटा तो हो ही रहा था आस-पास के लोगों ने गोदाम के चुहों की शिकायत भी करनी शुरू कर दी। ब्यापारी इन काले चुहों से तंग आने के बाद भी कुछ नहीं कर पा रहा था, लेकिन एक दौर आया जब उसे इस परेशानी को खत्म करने का मौका आखिरकार मिल गया। उसके कुछ करीबी मित्रों ने बताया कि बाजार में सफेद चुहे आए हैं जिनसे काले चुहे डरते हैं और ये सफेद चुहे नुकसान नहीं पहुंचाते। दोस्तों ने काले चुहों को भगाने के लिए सफेद चुहों को गोदाम में रखने की सलाह दी। दोस्तों ने सलाह के साथ बहुत सारे फायदे भी बताए। व्यापारी अपने दोस्त की बातों में आ गया। वह बाजार से सफेद चुहा के कुछ जोड़े ले आया। जल्द से जल्द काले चुहे गोदाम से भाग जाएं, खत्म हो जाएं उसका बड़ा साफ मकसद था। सफेद चुहों के आते ही काले चुहे उनसे डरने लगे। सफेद चुहे जहां भी जाते उनसे डर कर काले चुहे भागना शुरू कर दिए। बहुत सारे गोदाम छोड़कर भाग भी गए, फिर एक वक्त ऐसा भी आ गया जब गिने चुने काले चुहे ही गोदाम में रह गए। यह बात जानने के बाद व्यापारी ने गोदाम देखने गया। जब वह गोदाम के भीतर गया तो बहुत बदबु आ रही थी। उसने सोचा हो सकता है काले चुहों को सफेद चुहे मार दिए होंगे।जब उजाला कर गोदाम को देखा तो काले चुहे तो सारे भाग गए थे, लेकिन सफेद चुहों ने गोदाम में गंदगी फैला रहे थे। वे लगातार गंदगी फैला रहे थे। व्यापारी के आंखों के सामने वे गंदगी फैला रहे थे, और वह व्यापारी कुछ नहीं कर पा रहा था। सफेद चुहे व्यापारी के ऊपर तक गंदगी फैलाने लगे। उनकी संख्या भी बढ़ गई थी। ये चुहे काले चुहे की तरह नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे थे लेकिन जो गंदगी ये फैला रहे थे वह आने वाले समय में फ्लैग जैसी बीमारी को आमंत्रित कर रहे थे। बस बेचारा व्यापारी सब कुछ देख रहा था। ऐसा ही हाल कुछ दिल्ली में अभी है। दिल्ली की जनता देख रही है उसके सामने उसके ही चुने प्रत्याशी गंदगी फैला रहे हैं बस गंदगी फैला रहे हैं।

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