पहल: सब्सिडी की, पर राजनीति से दूर हो
केंद्र
सरकार घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर पिछले कुछ सालों से नई-नई बदलाव कर रही है। लोगों
को मिलने वाली सब्सिडी में बदलाव कर रही है। वर्तमान में एक बार फिर नया बदलाव
किया गया है। इसमें सब्सिडी के नाम का बदलाव कर उसका नाम पहल कर दिया गया है।
इसमें सिधे सब्सि़डी राशि लोगों के खाते में आ जाएगी। इसके लिए आधार कार्ड और बैंक
एकाउंट होना जरुरी है बस। इसके लिए सरकार दोनों चीजे उपलब्ध करा रही है। तीन साल
पहले से आधार कार्ड बनाने की स्कीम चला रही है। वहीं वर्तमान में प्रधान मंत्री
जन-धन योजना के तहत हर परिवार का बैंक एकाउंट खोलने की शुरुआत की है। स्कीम का लाभ
लोगों को मिलेगा और इस लाभ को लोग पाने के प्रयास कर रहे हैं। यह स्कीम लोगों के
साथ सरकार को भी फायदे मंद साबित होने वाली है। इससे सिलेंडरों की काला बाजारी में
कमी आएगी। साथ हीं पता चल सकेगा की वास्तव में एक परिवार कितना सिलेंडर घरों में
उपयोग में लाते हैं साल भर में। वैसे सरकार ने खुद ही पहले 9 फिर 12 सिलेंडर देने
की योजना बनाई है। योजना अच्छी है पहल अच्छी है बस इसमें राजनीति को न घुसाया जाए
तो सफल होने की संभावना है। इससे पहले स्वच्छता अभियान पर जिस तरह राजनीति हो रही
है वह राजनीति की गंदगी कही जाएगी। राहुल गांधी बिहार में जिस तरह से बोले कि वे
लोगों के हाथों में झाड़ून नहीं पकड़ाएंगे। यह उनकी सोच और मंद मानसिकता का ही पहचान
है। उन्हें इतिहास अच्छे से पड़ना चाहिए। पार्टी की नींव रखने वाले महात्मा गांधी
के बारे में पढ़ना चाहिए। जिसके नाम पर कांग्रेस को उनका परिवार सत्ता में रही है
उसके बारे में पढ़ना चाहिए। उन्हें पता नहीं है कि महात्मा गांधी खुद लोगों को अपना
मैला खुद साफ करने कहा था। जब उनकी पार्टी के बाप ही अपना मैला खुद साफ करों कहा
तो उनकी सोच और उनकी पार्टी की सोच कैसे अलग हो सकती है। जबकि यह सही भी है कि
आपकी गंदगी दूसरा क्यों साफ करेगा। सभी के लिए पृथ्वी सामान्य है और सभी इसी
प्रकृति से उत्पन्न हुए हैं। सभी समान है। यह उनकी राजसी और ओछी मानसिकता है।
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