प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दूसरा पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। 

आपके केंद्रीय मंत्रीमंडल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन बिलासपुर के नसबंदी कांड के बाद से गायब है। अगर आपको मिलेें तो बोल दिजीएगा कि वे अब सिर्फ दिल्ली के नेता नहीं रहे। केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री का पद मिला है तो पूरे देश का स्वास्थ्य विभाग उनके अंदर में आता है। उन्होने जिस तरह से अपने कार्य में लापरवाही बरती है इससे तो यही लगता है कि आपके मंत्री मंडल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य देश के लिए कोई अहमियत नहीं रखता। आदिवासी बहुल्य राज्य है इसके कारण आप और आपके मंत्री मंडल के लोग जैसे चाहेंगे वैसे करेंगे। शर्मनाक बात यह है कि नसबंदी जैसे महत्वपूर्ण योजना को जिस तरह से लापरवाही बरत कर घटिया बनाई जा रही है। इससे न सिर्फ भारत में जनसंख्या विस्फोट होगा बल्कि ग्लोबलाईजेश की आपकी सोच पर भी चोट है। इसका फायदा अमेरिकी कंपनियां उठाना शुरु कर दी है। एक समय था जब भारत दवाइयों के सप्लाई के लिए प्रसिद्ध था अब यहां की घटिया दवाई की चर्चा जब कि विश्व स्तर पर हो रहा है तो इसका दुष्प्रभाव क्या होगा आप से बेहतर कौन समझ सकता है। दुनिया भर में इस बात की चर्चा हो रही है कि भारत में नसंबदी से मौत हुई है। यहां घटिया दवाई देकर लोगों को मारा जा रहा है। आपके विदेश से लौटने का पूरा देश इंतजार कर रहा है। क्योंकि राज्य सत्ता में भाजपा की सरकार है और सत्ता में बैठे दोषियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी।
देश की जनता का आप और आपकी पार्टी के लोगों में कितनी अहमियत है। जानने की जरुरत इसलिए पड़ी क्योंकि आपकी पार्टी का देश और छत्तीसगढ़ दोनों जगहों पर सरकार है। यहां के हालात ऐसे है कि देखने लायक है। यहां मर रहा है जिसे मरना है सरकार को फर्क नहीं पड़ रही है। यही हालात रही तो आने वाले समय में स्थिति और गड़बडा सकती है। आपको सोचना चाहिए। आपने वादा किया था कि भारत के लोगा आपकी सरकार की पहली प्राथमिकता होगी। यह क्या यहां लोग नसबंदी और नकली जहरीली दवाईयां खाकर मर रहे हैं और आपके प्रिय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल ने नैतिक जिम्मेदारी तक नहीं ली। इसके साथ ही आपके केंद्रीय मंत्री मंडल के स्वास्थ्य विभाग से भी कोई नहीं आया। इससे यह प्रतित होने लगा है कि चुनाव जितने के बाद अपना काम बनता भांड में जाए जनता वाली कहावत आप चरितार्थ कर रहे हैं। 

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