दीपावली बनाम पटाखा, मिठाई बनाम मिलावट
दीपावली आ गई अब मिठाइयां खिलाने और पटाखों की झड़ी लगेगी। धमाको से
पूरा गांव और शहर गुंजायमान होगा। लोग एक दूसरे को मिठाई खिला बधाई देंगे।
रोशनी और खुशियों की प्रतीक दिवाली को अगर सुरक्षित रूप में मनाना है, तो
कुछ उपायों को ध्यान में रखकर दिवाली को उल्लासपूर्वक मनाया जा सकता है।
फेफड़े की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को पटाखों के प्रदूषण से दूर रहना
चाहिए और ज्यादा आवाज वाले पटाखों से परहेज करना चाहिए। दीवाली आई तो
पटाखे और फुलझड़ियों के साथ मिठाइयों की सौगात भी लाई है। अब सभी को
फेस्टिवल पर तो मिठाईयां खाना अच्छा लगता ही है।


मिठाइयों की बात आती है जब तो मिलावट भी उसके साथ-साथ चली आती है। मिलवटखोरों के लिए दिवाली केंद्र सरकारी के कर्मचारियों के बोनस की तरह ही तो आती है। दिवाली आते ही नकली और मिलवटी खोवे आने शुरु हो जाते हैं। साथ ही मिलवटी मिठाइयों का कारोबर चल निकलता है। जांच के लिए फूड विभाग और ड्रग विभाग तो हैं और समय-समय पर वे जांच करते हीं है पर नियमित जांच और कार्रवाई न होने निगरानी न रखने के कारण मिलावटखोरों का हौसला बुलंद है। मिलावट तो अब हर चीज में है और बिना मिलवट कोई चीज तैयार नहीं हो सकती। जैसे दुध में शक्कर मिलाकर ही पीते और चावल को दाल के साथ मिलाकर खाते हैं। तो आइए जानते हैं कि आप अपने घर पर ही किस फेवरेट मिठाई को तैयार कर उसका मजा ले सकते हैं। दूकानों में किस मिठाई में मिलावट की संभावना अधिक होती है। इस बार भी मिठाइयों में मिलावट और कम तौल की खबर जोरों पर है। इसलिए अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए खुद से बनाई मिठाई का आनंद लेने में ज्यादा मजा है। जबकि आप मिठाई का मजा लेना चाहते हैं तो थोड़ा मेहनत करके अपने घर पर ही अच्छी स्वादिष्ट और सेहत से भरपूर मिठाई बना अपना और अपने प्रियजनों के सेहत का ध्यान रखा जा सकता है। हलांकि मिठाई दुकानों, होटलों में भी मिठाईयां मिल रहीं हैं पर खोवे में मिलावट के साथ ही छेने में भी मिलावट की खबर है ऐसे में हमें सचेत रहना होगा।
इस दिवाली पर कुछ उपाय अपनाकर हम अपने आस-पास और पड़ोसियों को होने वाली दिक्कतों से भी बचा सकते हैं और खुद भी बच सकते हैं।
दिवाली पर बम और अन्य प्रदुषित करने वाले चिजे जलाई जाएंगी ऐसे में बच्चों
और दिल के मरीजों को मास्क पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए। पटाखों की तेज शोर
से कान के पर्दे को कोई नुकसान न पहुंचे, इसके लिए ईयरफोन लगा लें। परिवार
के बड़े अपनी उपस्थिति में ही बच्चों को पटाखा चलाने को दे। और ऐसे पटाखे
बच्चों से कतई ना चलावाएं जिससे उनको नुकसान पहुंच जाए। खास कर ज्यादा शोर
करने वाले पटाखे बड़े खुद चलाएं और फूल झड़ी जैसे पटाखे ही बच्चों को दे।
चाइनिज
पटाखा से जितना हो सके परहेज करें इससे खतरा भी कम होगा और भारत के अर्थ
व्यवस्था पर पड़ने वाला असर भी कम होगा। साथ अगर किसी पटाखे को आप एक बार
जला चुके है तो जलाने के बाद पटाखों को कभी हाथ में नहीं पकड़े रहें, ऐसा
करने पर वह हाथ में ही फट सकता है।पटाखे चलाते समय कपड़ों पर खास ध्यान दें उस समय ढीले-ढाले कपड़े खासकर साड़ी, फ्रॉक, अनारकली सूट या नाइलॉन तथा टेरिकॉटन से बने कपड़े पहननें से जितना ज्यादा हो परहेज करें। इसमें बम के छिटककर आग लगने की संभावना ज्यादा होती है। फिर भी अगर कपड़े में आग लग जाए, तो उसे कंबल या पानी डालकर बुझाएं। इसके साथ ही बाजार से लाए दूध और खोये से बनी मिठाइयां न खुद खाएं और न ही किसी को उपहार में दें, क्योंकि ये दिवाली से काफी दिन पहले के बने होते हैं। इससे फूड प्वाइजनिंग की संभावना ज्यादा हो जाती है। घर पर बुजुर्ग हैं तो आप पहले ही इनहेलर की व्यवस्था कर लें, क्योंकि दिवाली में बुजुर्गो को कभी भी इसकी जरूरत पड़ सकती है। साथ ही घर पर प्राथमिक चिकित्सा वाले किट को तैयार रखें। आंखों में डालने वाले ड्रॉप की भी व्यवस्था कर लें, तो बेहतर होगा।
दीवाली
दीपों का त्योहार है जो परिवार और मित्रों के साथ मिलकर मनाया जाता है।
परंतु कुछ लोग भीड़ से दूर रहकर घर पर अकेले रहना पसंद करते हैं। भीडभाड़
वाले पर्यटन के स्थानों पर जहां अधिकांश लोग जाकर आनंद उठाते हैं, वहां न
जाकर भी आप अपने रचनात्मक आइडिया से घर पर भी दीवाली का आनंद उठा सकते हैं।
आप घर पर रहकर भी अपनी दीवाली को मज़ेदार बना सकते हैं, इसके लिए बस कुछ
खास करना होगा। इससे आप को और आपके प्रियजनों को घर पर दिवाली मनाने का अलग
आनंद आएगा।
दिवाली को स्पेशल करना है तो कुछ
खास करना होगा। इसके लिए सिर्फ घर की साफ़ सफ़ाई और रद्दी वस्तुएं निकालकर
घर को सजाना ही काफी नहीं है। इसके लिए अपने औज़ारों का बॉक्स निकालें और
त्योहार के लिए अपने घर को कुछ अलग तरीके से सजाएँ। इसमें कुछ नए पौधे
लगायें। अपने घर के प्रत्येक कोने में सुगन्धित मोमबत्तियां और दिए लगायें
तथा अपने घर को तरोताज़ा लुक देने के लिए घर को फूलों से सजाएँ।
अच्छा खाना बनायें
अपने
प्रियजनों के साथ मिलकर कुछ अच्छा खाना बनायें, नए-नए व्यंजन बनायें तथा
आज तक आपने माइक्रोवेव में आज तक जो व्यंजन नहीं बनाये हैं वे व्यंजन
बनायें। अपने डाइनिंग टेबल को मोमबत्तियों से तथा नई टेबल मेट्स से सजाएँ
और घर पर सबके साथ भोजन का आनंद उठाने के लिए नई क्रॉकरी निकालें। और भी
अच्छा होगा यदि आप एक गद्दी निकालें और उसे अपने बगीचे या छत पर बिछाएं
जहाँ आप अपने परिवार के साथ खुले में भोजन का आनंद उठा सकें।
प्रियजनों के साथ शॉपिंग करेंदिवाली स्पेशल करने के लिए अपने प्रिय अभिनेता-अभिनेत्री के फ़ोटो ऑनलाइन देखें और बाल कटवाएं। अपने बालों को कलर करें। उन्हें अलग शैली में सजाएँ। स्वयं को स्पा या मालिश से भी खुश करें। अपने दोस्तों और प्रियजनों के साथ शॉपिंग पर जाएं और त्योहार के लिए कुछ नए कपड़े खरीदें ताकि दिवाली के फ़ोटो में आप बिलकुल अलग दिखें। अनावश्यक समान नहीं खरीदें। फालतू पैसा खर्च करने से बचें दिवाली पर जो आपके जरुरत की वस्तु हो उसे ही खरीदें। त्योहार के साथ ही ठंड भी बढ़ जाएगी ऐसे में गर्म कपड़े भी खरीद सकते हैं। कई जगहों पर इस समय ऑफर चलते हैं एक के साथ एक फ्री या फिर प्रतिशत में तो उसका लाभ भी उठा सकते हैं।
शहर में घूमें और छुट्टियां एंज्वाय करें
आप अगर
प्रियजनों के साथ छुट्टियां बिताने नहीं जा पाए हैं तो इसमें उदास होने की
जरुरत नहीं है। आप अपने आंगन के कोने में पड़ी साइकिल निकालें और अपने शहर
का आनंद उठायें। मॉल में शॉपिंग करने और ट्रैफिक से छुटकारा पायें। इससे
आपको और आपके प्रियजनों को कुछ नया करने में मजा भी आएगा।
मित्रों के साथ मिलकर कुछ नया करें
महंगाई
के दौर में आप कुछ नहीं कर सकते ऐसा थौट अपने दिमाग से निकाल बाहर करें।
आप कुछ नहीं बहुत कुछ कर सकते हैं यह धारणा रख पहले अपने दोस्तों को अपने
साथ लें। सभी मिलकर अपनी कॉलोनी और मुहल्ले में एक गेट-टू-गेदर करें। साथ
ही अपने उन मित्रों को आमंत्रित करें जो दिवाली पर बाहर नहीं गए हैं। पॉटलक
पार्टी करें, कुछ अच्छा संगीत लगायें, बोर्ड गेम्स खेलें तथा अपने दोस्तों
के साथ इसका आनंद उठायें। पड़ोसियों को इसमें शामिल करने से उनको आप पर और
विश्वस होगा और बच्चों को भी इसका इंज्वाय करने का मौका मिलेगा। ऐसे में
सभी मिलकर हर घर से जो खाने की सामग्री आएगी उसका लुफ्त उठा सकते हैं।
रचनात्मक बने
भाग-दौड़
भरी जिंदगी हर किसी की है। ऐसे में कुछ रचनात्मक बनकर इस दिवाली को आप खास
बना सकते हैं। इन दिनों में डीआईवाय का बहुत महत्व है। कुछ कलात्मक करने
के लिए ऑनलाइन वीडियो या लेख देखें। चाहे सुगंधित मोमबत्तियां बनानी हो,
पुरानी जींस ठीक करनी हो या पुरानी क्रॉकरी या पॉट्स पर पेंटिंग करनी हो।
डीआईएस की सहायता से आप बहुत कुछ बना सकते हैं। अपने घर को और सुंदर बना
सकते हैं।
मिठाइयां महंगी हुई
महंगाई इस समय हर चीज में है ऐसे
में दिवाली पर इसका असर मिठाइयो पर होना कोई नई बात नहीं है। महंगी
मिठाइयों के साथ कालाबाजरी लोग मिलावट करने में भी नहीं चुक रहे हैं। इस
साल बर्फी 15 से 20 रुपए, मिल्क केक 20 से 25 रुपए, काजू बर्फी 10-15 रुपए,
गुलाब जामुन 7 से 10 रुपए, बूंदी लड्डू 10 से 12 रुपए, बेसन लड्डू 10 से
15 रुपए प्रति किलो महंगे हो गए हैं। मिलावटी मिठाइी की बिक्री को रोकने
खाद्य सुरक्षा विभाग के पास अमले की कमी है। कर्मचारियों की संख्या कम होने
के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। सरकार ने मिलवटखोरों पर अंकुश लगाने
विभाग का गठन तो किया है लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग कार्रवाई
के मामले में लाचार नजर आ रहा है। दिवाली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग
विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सैंपल लिए भी हैं तो हर जगह पर लैब
उपलब्ध न होने के कारण इसकी जांच रिपोर्ट त्यौहार के बाद आएगी। ऐसे में
दिवाली पर जिसे मिठाइ खरीदनी होगी वह खरीदेगा भी और खा भी लेगा। मिलावट खोर
अपना मुनाफा कमा भी लेंगे और जांच करने के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति ही रह
जाएगा। अगर जांच में खाद्य पदार्थ में मिलवट भी मिलता है तो ऐसे में
प्रशासन के पास सिर्फ जूर्माना करने के अलावा कुछ नहीं बचता। अगर हाथों हाथ
रिपोर्ट मिले और तुरंत ही प्रतिष्ठानों के ऊपर कार्रवाई हो तो इससे बचा जा
सकता है। प्रशासन और सरकार को इससे क्या लेना देना है क्योंकि मिठाई तो आम
जन को खाना है ऐसे में अगर मिलवटी मिठाई खाकर आप और हम फूड प्वाइजनिंग के
शिकार होते हैं बिमार पड़ते हैं और मर भी जाते है तो क्या होगा? कुछ भी नहीं
क्योंकि यह स्पष्ट ही नहीं हो पाएगा कि मौत मिठाई खाने से हुई या खाना
खाने से। ऐसे में दिवाली के समय दुकानों की मिठाई खाने से परहेज करे तो
बेहतर होगा।
बीमारियों को दावत देेती सामग्री
नकली दूध, नकली
मावा, नकली घी और इन सबसे तैयार होकर जो मिठाई आप तक पहुंच रही है वो आपकी
जिंदगी में मिठास नहीं बल्कि जहर घोल देगी। नकली मिठाई से आपको कई
बीमारियां हो सकती हैं। नकली दूध से बनता है नकली मावा यानी खोया और नकली
मावे से बनती हैं वो मिठाइयां जिन्हें खाकर आप बीमार पड़ सकते हैं। सबसे
पहले फूड प्वायजनिंग का खतरा होता है। इसके अलावा पेट में गैस और एसिडिटी
की भी परेशानी हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक नकली मावे से तैयार
मिठाइयां लगातार खाने से सबसे ज्यादा खतरा होता है उन महिलाओं को जो
गर्भवती हैं। नकली मिठाई से उनके पेट में पल रहा बच्चा मानसिक रूप से
विकलांग पैदा हो सकता है। छोटे बच्चे ऐसी मिठाइयां खाते हैं तो उनका दिमागी
संतुलन भी बिगड़ सकता है। एक वयस्क अगर नकली मावे से बनी मिठाइयां खाता है
तो उसका पाचन तंत्र यानी डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो सकता है। उसके नर्वस
सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ सकता है। यूरिया, डिटर्जेंट, कॉस्टिक सोडा, और
फ्लुइड से बनी मिठाई आपके शरीर पर बहुत बुरा असर डालती हैं। कैमिकल से
तैयार मिठाई से आपको कैंसर भी हो सकता है। यूरिया और कॉस्टिक सोडा दिल,
लीवर और किडनी को जबरदस्त नुकसान पहुंचाते हैं। मावा में यूरिया मिला होने
से किडनी को शरीर से यूरिया हटाने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है। नतीजा
ये कि ऐसी मिठाई खाने वालों की किडनी फेल भी हो सकती है। कॉस्टिक सोडा में
मिला होता है सोडियम जो एक धीमा जहर है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर और दिल
से जुड़ी बीमारी है दूध में मिला कॉस्टिक सोडा उनके लिए जानलेवा साबित हो
सकता है। इसके अलावा कॉस्टिक सोडा दूध में मौजूद लाइजीन नाम के अमीनो एसिड
को खत्म कर देता है। लाइजीन छोटे बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
मिलावटी मिठाइयों में मौजूद सिंथेटिक रंग से डायरिया और शरीर को लकवा मारने
का भी खतरा रहता है। यानी उम्र कोई भी हो नकली मावा और नकली घी से बनी
मिठाई सबके लिए जहर है। नकली मावे का ये काला कारोबार देश के कई हिस्सों
में धड़ल्ले से चल रहा है।
अंधेरे पर उजीयारे की जीत
पूरे
भारत में दीपावली को अंधकार पर प्रकाश की विजय के रूप में बड़े धूमधाम से
मनाया जाता है। लोग इससे पहले अपने घरों की साफ़-सफाई करते हैं। नये कपड़े
पहनते हैं। मिठाइयों के उपहार एक दूसरे को बांटते हैं। बड़े हों या छोटे
सभी इस त्योहार में भाग लेते हैं। दीपावली को हर प्रांत में कई तरीके की
मिठाइयां और पकवान बनाकर मनाया जाता है। दीवाली के मौके पर भारत में बनाई
जाने वाली प्रमुख मिठाइयों के बारे में जानते हैं....
गुझिया- गुझिया
उत्तर भारत और राजस्थान की सबसे पसिद्ध मिठाई है। खोया, मैदा और मैवे से
तैयार इस व्यंजन को दीपावली के अवसर पर खस तौर से उत्तर भार व भारत के
अन्य राज्यों में बनाया जाता है। हर राज्य में इसे अलग- अलग नामों से
पुकारा जाता है। जैसे गुजरात में गुघरा, महाराष्ट्रा में कारंजी, तमिलनाडू
में काराछिका, आंध्र प्रदेश और कनार्टना में यह काजीकयी के नाम से मशहूर
है। हर राज्य में गुझिया को बनाने की विधी भी अलग-अलग है जैसे उत्तर
प्रदेश में गुझिया के भरावन के लिए मैवे और खोया का प्रयोग किया जाता है
वैसे ही गोवा में नारियल का प्रयोग किया जाता है मगर सभी में प्यार की
मिठास एक जैसी ही होती है।
लड्डू- लड्डू पूरे भारत में बनने वाली आम
मिठाई है मगर दीपावली के दौरान लड्डू का महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि
पूजा के दौरान इसे खास तौर से गणेश भगवान को चढ़ाया जाता है। लड्डू कई
प्रकार के होते है जैसे बेसन, मोतीचूर, नारियल, तिल, रवा सभी का अपना एक
अलग महत्व भी है, अगर आप पूजा अर्चना के लिए लड्डू बना रहें हैं तो
ज्यादातर मातीचूर के लड्डू बनाए जाते हैं।
गुलाब जामुन- गुलाब जामुन का
नाम सुनते ही सभी के मुंह में पानी आ जाता है, दीवाली के दौरान गुलाब
जामुन भी एक प्रसिद्ध मिठाई है जो लगभग हर घर में बनाई जाती है। गुलाब
जामुन को बनाने के लिए चीनी, छेना, दूध, दही, गूलाबजल और घी के अलावा ड्राई
फ्रूट का प्रयोग भी किया जाता है। अपने नाम के अनुसार गुलाब जामुन में
गुलाब जल का प्रयोग किया जाता है जिससे खाने में यह और भी स्वादिष्ट लगता
है। गुलाब जामुन का नाम परिसियन वर्ड गुलाब से बना है जिसका अर्थ होता है
गुलाब का पानी, वहीं हिंदी में जामुन शब्द को जोड़ दिया गया है जो एक फल
का नाम है।
बर्फी- दीवाली के दौरान बर्फी भी एक जानी मानी मिठाई है
जिसे काजू, बादाम और चीनी के अलावा कई ड्राई फ्रूट मिलाकर बनाया जाता है।
बर्फी का डिजाइन देखने में डायमंड के आकार का होता है। कई तरह की बर्फियों
में काजू बर्फी सबसे महंगी बर्फी मानी जाती है।
मैसूर पाक - मैसूर पाक
कर्नाटक में बनाई जाने वाली सबसे प्रसिद्ध मिठाई है। यह सबसे पहले मैसूर
पैलेस में बनाई गई थी जो वहां के राजसी लोगों को परोसी जाती थी। तब से यह
एक राजसी मिठाई के रूप में मैसूर पाक के नाम से मशहूर हो गई। इसे बनाने के
लिए घी, मक्खन और दाल का प्रयोग किया जाता है। यह खान में इतनी मुलायम
होती है कि मुंह में रखते ही घुल जाती है।
ऐ तो हुए दिवाली के महत्वपूर्ण मिठाइयां अब यह भी जाने की किसका आनंद आप इस दिवाली घर पर बनाकर के उठा सकते हैं।
बदाम
की खीर, ओट, अखरोज और किशमिश कुकीज, खजूर और तिल के बार, शार्ट ब्रेड
कुकिज, शकरकंदी का हलवा, मीठा दही फलों के साथ, माल पुए, अखरोट और खजूर की
बर्फी, सिंघाड़े का हलवा, संदेश, लौकी का हलवा, चूरमा और चूरमे का लड्डू,
बालू शाही, जाफरानी मूंग दाल बर्फी, मूंग दाल का हलवा, सेब का हलवा,
गुलगुले, चॉकल केक, लौकी की खीर, नारियल बर्फी, शकर पारे, कलाकंद, श्रीखंड
जैसी मिठाइयां तैयार की जा सकती हैं।


टिप्पणियाँ