केजरीवाल की मुहिम को कहीं अपना तो नहीं रहे मोदी
आम आदमी पार्टी (आप) यह नाम तो आप ने सुना हीं होगा। हांजी हां हम बात कर रहे हैं आपकी आम आदमी पार्टी की आम आदमी की जिसने दिल्ली में 49 दिन की सरकार चलाई और अपनी शर्त न मानने पर इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद उसकी खुब छीछा लेदर किया गया और फिर मजाक भी उडाई गई की झाड़ू वाले क्या करेंगे। दरअसल झाड़ू आम आदमी पार्टी की चुनाव चिन्ह है और उसका एजेंडा भी था गंदगी को साफ करेंगे। फिर आप के संयोजक अरविंद केजरीवार जिन्हें एके 49 भी कहा जाता है वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़े और उनके दिल में यह झाड़ू इतना बस गया कि वे केजरीवाल के मुहिम को अपना सा लिए है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर जगह झाड़ू लग रहा है। कलेक्टर हो या एसपी मंत्री हो या संत्री सब के सब झाड़ू लगाने में व्यस्त हैं। आखिर प्रधानमंत्री ने जो यह मुहिम चालू करने कहा है। और यह तो भाजपा का राष्ट्रीय मुहिम भी बन गई है। कांग्रेस के लोग भी इसे अपना रहे है कारण महात्मा गांधी जयंती पर नरेंद्र मोदी ने जो यह मुहिम चालू कर रहे हैं। पता चला है कि कर्मचारियों को इस सफाई अभियान के लिए आधे दिन की छुट्टी भी इसमें शामिल होने के लिए दी जा रही है। अब यह मुहिम चल निकला है लोगों ने झाड़ू पकड़ ली है तो इसे मोदी रंग में भले हीं रंग लो पर जनता सब जानती है केजरीवाल भी कुछ जगहों पर झाड़ू लगाते साल भर पहले देखे गए थे। इस मुहिम में वे दिल्ली के किसी निचले इलाके में सफाई कर्मचारियों के साथ झाड़ू लगाते दिख भी जाएंगे। इमानदार लोगों के साथ ऐसा ही होता है शुरु करता कोई है और कैच कोई कर लेता है। खैर तारिफ करनी चाहिए नरेंद्र मोदी की उन्होंने बड़ी सफाई से इस मुहिम को अपना बना लिया। लोगों से सफाई करवा लिया। यह बड़ी बात है पर अगर देश स्वच्छ हुआ तभी सफाई अभियान के लाभ होंगे। क्योंकि भारतीय लोगों की मानसिकता रही है कि अपने घर की गंदगी साफ कर और दूसरे के घर के सामने डाल। जरुरी होगा कि उतनी व्यवस्था भी मुहैया कराई जाए प्रत्येक वार्डों, गलियों और चौक चौराहों, रोड़ों पर कुछ- कुछ अंतराल में कचरा पेटी रखवाई जाए ताकि लोग उसमें अपना कचरा डाले न कि रोड पर। यह सही भी होगा और स्वच्छता अभियान की मुहिम सफल भी इसी से होगी। स्वच्छ भारत के लिए पहले लोगों की मानसिकता बदलनी होगी कि वे स्वच्छ बने और पॉलीथन का प्रयोग करें तो नाली में ना फेंके या फिर प्रयोग करें हीं ना। क्योंकि ज्यादा गंदगी पॉलीथन के कारण होता है यह सड़ता नहीं और बालू युक्त पानी इसमें जमा होकर मच्छर पैदा करता है। तो इससे अच्छा होगा कि नाली से पानी साफ निकले और फिर उससे बड़ी बात कि की शहरों में पेयजल पाइप लाईन कई नालियों के नीचे से गुजरी है तो उनकी व्यवस्था की जाए। ज्यादातर बीमारी कारण तो इसी से होता है की कई मुहल्ले में गंदा पानी मिल रहा है और लोग मजबुर हैं पीने को पानी उबाल कर पी रहे है फिर भी जहर को उबाल कर पीओ या सिधे जहर अपना असर तो दिखाएगा ही। हमारी शुभ कामनाएं हैं मोदी जी के लिए उनकी मुहिम सफल हो हम स्वच्छ भारत अभियान के तहत महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती पर नहीं बल्की 147 वीं जयंती पर ही स्वच्छ भारत की कल्पना करते हैं। लोगों में जागरुकता आए और लोग अब जागरुक भी हो कब तक दूसरों की नकल करते रहेंगे और अगर नकल कर भी रहे हैं तो उनकी अच्छी चीजों की भी नकल कर जैसे साफ परिवेश में रहना भी पश्चिमी लोगों की पहचान है वहां लोग रोड पर या नाली में गंदगी नहीं फैलाते तो उन चीजों का भी अनुसरण करें सिर्फ कपड़ा पहनने से हम मॉर्डन नहीं बनेंगे बल्कि मॉर्डन बनने के लिए अपने आस पास के आबो हवा को भी मॉर्डन बनाना होगा वरना क्या फायदा जब आप बीमारी वाली जगह से हो और लोग आप में अपना हिरो खोजे।
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