तंबाकू पर कर बड़ने से सिगरेट के दाम बड़ गये...युवाओं पर महंगाई का एक और बोझ बड़ा दिया सरकार ने
तंबाकू पर कर बड़ने से सिगरेट के दाम बड़ गये...
संसद में मंत्री जी ने तंबाकू पर टेक्स बड़ा दिया। कितना घाटा हो रहा है आज के युवाओं को जो शौकिया सिगरेट पीते थे उनका तो अब पीना भी बंद हो गया। और जो लोग लत्ती थे वे भी पीना कम कर दिए। लोगों के साथ यह सरासर अन्याय है। इसके लिए कोई खुलकर विरोध नहीं कर रहा यह समझ नहीं आता। पेट्रोल का दाम अगर 50 पैसे भी बढ़ जाने पर दिनभर इसी की चर्चा होती है। लेकिन तंबाकू का कर बढ़ाए जाने पर लोग चर्चा नहीं कर रहे है यह बहुत आश्चर्य करने वाला है। मुझे लगता है सरकार जानती नहीं की तंबाकू की पुहंच रेडियो की तरह गांव-गांव और घर-घर में हैं वह बिना सिंगनल के वहां पहुंचता है। भारत का शायद ही कोई गांव होगा जहां तंबाकू की पहुंच न हो। यहां तक बॉलीबुड के फिल्मों में भी इसकी पहुंच हो गई है। तभी तो गाना गाते है ...पान सुपाड़ी का डब्बा दे दई ।
सरकार युवाओं पर एक और बोझ डाल दी है। इसका विरोध मैं करता हूं। लोगों के ऊपर यह अधिक भार होगा इसके उपयोग से धरती का भार कम होता है और सरकार इसपर कर लगा कर लोगों पर भार बढ़ा दिया है यह बहुत बहुत शब्द नहीं है इसके लिए।
लोगों को तंबाकू से कितना लाभ है एक नजर में -
फेफ़ड़ो की बीमारी
कोरोनरी हार्ट डिसीज
पैरों की नसों में रुकावट
दिमाग का दौरा
फेफ़डे़ का कैंसर
यह सब हो सकता है तंबाकू के सेवन से। तंबाकू का सेवन करने वालों को यह लाभ बिल्कुल मुफ्त में दिया जाता है।
एक अध्ययन के मुताबिक जिन्होंने 15 साल की उम्र या उससे पहले धुम्रपान करना शुरु किया है उन्हें फेफड़े के कैंसर का जोखिम उन लोगों की बनिस्बत अधिक होता है जिन्होंने 20 साल की उम्र के बाद धूम्रपान शुरु किया है। मुंह के कैंसर के 90 प्रतिशत मरीज या ततो धुम्रपान करते थे या फिर किसी रुप में तंबाकू खाते थे।
हमारा कहने का मतलब यह है कि इस अध्ययन में यह पता चलता है कि तंबाकू के कर में वृद्धि से लोगों पर भोझ बड़ेगा पर यह भी सही है कि धरती का बोझ कम होगा। तो जमकर पीयों सिगरेट पृथ्वी का कम हो बोझ.............
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