टमाटर इतना लाल कैसे हुआ
टमाटर इतना लाल कैसे हुआ...
टमाटर के दाम में अचानक हुई वृद्धि ने लोगों की सब्जियों से यह दूर हो गया है। इसका न अब सलाद में उपयोग हो रहा है और ना ही सब्जियों में डाला जा रहा है। इसके दाम की बढ़ोत्तरी की एक कहानी है। कहानी यह है कि पहले लगभग हर घर में आम का चुरा या आम की खटाई हुआ करती थी. या आम को छिलकर काटकर लोग सुखाया करते थे और जब बारिश का मौसम आता था तो उसका उपयोग सब्जी को खट्टा करने के लिए किया करते थे। आज की स्थिति किसी से छूपा नहीं है न तो घरों में खटाई है और न ही लोग आम को सुखा कर रखते है। आज भूमंडलीकरण(Globalization) का दौर है और हर कोई अपने काम में व्यस्त है। ऐसे में किसी के पास इस काम के लिए समय नहीं है और सबसे दुःखद बात यह है कि इस ग्लोबलाइजेशन ने परिवारों को तोड़कर रख दिया है। लोग स्वतंत्र और स्वच्छंद हो रहे हैं। मां बाप को वृद्धाश्रम भेज रहे है और बच्चों को बोर्डिंग स्कूल जिसको जहां मन कर रहा है वहां घूम रहा है। ऐसे में उनके ऊपर न तो अब समाज का डर है न लोक लज्जा। टामाटर में लोक लज्जा और समाज के डर की क्या जरुरत है यही सोच होगा आप का तो बता दें कि पहले दादी दादा और घर के बुजुर्ग जो काम से मुक्ति पा जाते थे उनके पास दो हीं काम होते थे या तो वे भगवत भजन में रहते थे या वे घर की रसोईं के लिए सुविधाएँ जैसे हल्दी, धनिया, मसाला, अचार, अमावट, खटाई इत्यादि तैयार करते थे। दादा छेटे बच्चों को सम्हालते तो दादी ऐ सारी व्यवस्था पर ध्यान देती। घर में सारी व्यवस्था होती तो मसाला जो आज इतना मंहगा हो गया है वह कम लगता आज 50 ग्राम, 100 ग्राम के मसाला के पैकट 100 रुपए तक आ रहे हैं जबकि उस समय इस सौ रुपये में इतना मसाला तैयार हो जाता था जितने में माह भर की सब्जी पक जाती। साथ ही लोग कम मसाला खाना पंसद भी करते थे आज चटपटा खाने के साथ और खराब मसाला होने से ज्यादा मसाला खाने के हम आदी हो चुके हैं। इसी प्रकार घर में खटाई न होने के कारण हम टमाटर पर आश्रित हो चुके है जिसका दाम बढ़ना लाजमी है। टमाटर के लाल होने का एक और कारण है यह लोगों से गुस्सा है जिससे उसका मुंह लाल हो गया है। दरअसल यह मीडिया की देन है जिससे टमाटर के दामों में उछाल है। अगर कल यह खबर चल जाए कि दिल्ली के फला इलाके में दो रुपए किलो टमाटर बिक रहा है तो तुरंत सभी जगहों में टमाटर के दामों में गिरावट आ जाएगी और टमाटर के दाम स्वमेव कम हो जाएगा। खबर कुछ जगहों से यह भी आर रही है कि कुछ लोग या समुह टमाटर न खाने का संकल्प लिया है ऐसा करने से बेहतर होगा कि लोगों को जागरुक करें कि अती हर चीज की बुरी होती है।
टमाटर के दाम में अचानक हुई वृद्धि ने लोगों की सब्जियों से यह दूर हो गया है। इसका न अब सलाद में उपयोग हो रहा है और ना ही सब्जियों में डाला जा रहा है। इसके दाम की बढ़ोत्तरी की एक कहानी है। कहानी यह है कि पहले लगभग हर घर में आम का चुरा या आम की खटाई हुआ करती थी. या आम को छिलकर काटकर लोग सुखाया करते थे और जब बारिश का मौसम आता था तो उसका उपयोग सब्जी को खट्टा करने के लिए किया करते थे। आज की स्थिति किसी से छूपा नहीं है न तो घरों में खटाई है और न ही लोग आम को सुखा कर रखते है। आज भूमंडलीकरण(Globalization) का दौर है और हर कोई अपने काम में व्यस्त है। ऐसे में किसी के पास इस काम के लिए समय नहीं है और सबसे दुःखद बात यह है कि इस ग्लोबलाइजेशन ने परिवारों को तोड़कर रख दिया है। लोग स्वतंत्र और स्वच्छंद हो रहे हैं। मां बाप को वृद्धाश्रम भेज रहे है और बच्चों को बोर्डिंग स्कूल जिसको जहां मन कर रहा है वहां घूम रहा है। ऐसे में उनके ऊपर न तो अब समाज का डर है न लोक लज्जा। टामाटर में लोक लज्जा और समाज के डर की क्या जरुरत है यही सोच होगा आप का तो बता दें कि पहले दादी दादा और घर के बुजुर्ग जो काम से मुक्ति पा जाते थे उनके पास दो हीं काम होते थे या तो वे भगवत भजन में रहते थे या वे घर की रसोईं के लिए सुविधाएँ जैसे हल्दी, धनिया, मसाला, अचार, अमावट, खटाई इत्यादि तैयार करते थे। दादा छेटे बच्चों को सम्हालते तो दादी ऐ सारी व्यवस्था पर ध्यान देती। घर में सारी व्यवस्था होती तो मसाला जो आज इतना मंहगा हो गया है वह कम लगता आज 50 ग्राम, 100 ग्राम के मसाला के पैकट 100 रुपए तक आ रहे हैं जबकि उस समय इस सौ रुपये में इतना मसाला तैयार हो जाता था जितने में माह भर की सब्जी पक जाती। साथ ही लोग कम मसाला खाना पंसद भी करते थे आज चटपटा खाने के साथ और खराब मसाला होने से ज्यादा मसाला खाने के हम आदी हो चुके हैं। इसी प्रकार घर में खटाई न होने के कारण हम टमाटर पर आश्रित हो चुके है जिसका दाम बढ़ना लाजमी है। टमाटर के लाल होने का एक और कारण है यह लोगों से गुस्सा है जिससे उसका मुंह लाल हो गया है। दरअसल यह मीडिया की देन है जिससे टमाटर के दामों में उछाल है। अगर कल यह खबर चल जाए कि दिल्ली के फला इलाके में दो रुपए किलो टमाटर बिक रहा है तो तुरंत सभी जगहों में टमाटर के दामों में गिरावट आ जाएगी और टमाटर के दाम स्वमेव कम हो जाएगा। खबर कुछ जगहों से यह भी आर रही है कि कुछ लोग या समुह टमाटर न खाने का संकल्प लिया है ऐसा करने से बेहतर होगा कि लोगों को जागरुक करें कि अती हर चीज की बुरी होती है।
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