अनाचार रोकने की मुहिम कुछ ऐसे हो शुरु की जो सार्थक हो पाएगा...
देश में कुछ दिनों या कहें पिछले कुछ सालों से अनचार(दुष्कर्म) की
घटनाएं बड़ी है। यह आक्समिक नहीं हुआ धीरे-धीरे बड़ा और आज इतना बड़ गया है
की अब यह भयावह हो गया है। यह इतना भयावह हो गया है जैसे सुरसा हो। इसके
पीछे कारण भी है और जो मुझे समझ में आता है वह इतना है कि कन्या भ्रूण
हत्या बंद हो जाए आने वाले कुछ समय में यह समाप्त होने लगेगा। साथ ही एक और
बात है कि सभी लोगों को काम मिले खाली-पीली बैठे रहने से भी मन अशांत होता
है और लोग गलत कदम उठाते हैं। माता पिता संस्कार के साथ बच्चों को हमेशा
किसी न किसी काम में उलझाएं ताकि उसका दिमाग सिर्फ सेक्स और अनैतिक कृत्य
चोरी, लूट, नशा में न लगकर सही और सार्थक जगह में लगे और मेन पावर का सही
उपयोग हौ। बच्चों की बड़ती उम्र के साथ उनको काम करने के लिए भी
प्रोत्साहित करें ताकि उनके हाथों में कुछ पैसे रह सके साथ ही उनकों इतना
ही पैसा दिया जाए जो सही हो अनावश्यक पैसा मिलेगा तो उसका गलत उपयोग होगा
ही। इसके अलावा पढ़ाई अहम है पालक आज हर वक्त अपने काम में व्यस्त रहते है
जरुरी भी है काम करना और पैसा कमाना पर वे यह सब किसके लिए कर रहे अपने लिए
अगर अपने लिए कर रहे है तो बच्चों को जन्म न दें। और अगर बच्चों के लिए कर
रहे हैं तो उसपर उतना ही ध्यान दें जितना अपने आप पर और काम पर ध्यान दे
रहे है। दुष्कर्म पर हजार लोगों के हजार बयान आते हैं लड़कियां ऐसा कपड़ा
क्यों पहनती, इतनी रात को बाहर क्यों निकलती है, लड़के के साथ क्यों घूम
रही थी इत्यादि इत्यादि। मेरा उनको जवाब है कि आप अपने लड़के को इतनी रात
तक बाहर क्यों घुमने देते हैं अथवा देती हैं, आप भी तो पालक है मां है बाप
है अगर किसी आपका लड़का घूम सकता है तो एक लड़की घूमती है तो क्या दिक्कत
है। रही बात कपड़ा पहनने की तो इस तरह की बात करने वालों की नियत मुझे ठीक
नहीं लगता। इस तरह की बयान देने वाले मतलब कपड़ा देख कर इस तरह की हरकत कर
सकते हैं वे अगर किसी दूसरी महिला या लड़की के लिए इस तरह का बयान दे रहे
है तो इसका मतलब वे अपने घर में किसी को तो अभी तक नहीं छोड़ा होगा क्योंकि
बच्चे छोटे में हर अवस्था में रहते हैं। बच्चों को सही सिख दे और उनकी
गलती को नजर अंदाज न करे और छोटी सी भी गलती पर सजा जरुर मिले जरुरी नहीं
की उसे मारे पीटे सजा पढ़ाई के रुप में भी दिया जा सकता है। सभी को काम
मिले और कोई खाली दिमाग न बैठे क्योंकि एक मानसिकता अभी यह निकलकर आ रही है
कि फलां लड़की जॉब कर रही है तो उसके घरवाले जॉब वाला ही लड़का ढुंढ रहे
है. कोई सुंदर बेरोजगार लड़की है तो भी कोई इंजीनियर लड़के साथ व्याह दी
गई। इससे निजात दिलाने और मानसिकता में बदलाव न आए इसके लिए सभी को काम
मिले और सभी की समय से शादी हो।
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