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विधायक देवेंद्र यादव की जमानत अर्जी पर आया फैसला, जानिए पूरा मामला

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छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर से कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव की जमानत अर्जी पर आज सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना अब फैसला सुनाया। फैसले में विधायक देवेंद्र यादव को एक बार फिर झटक लगा है। बलौदा बाजार में 10 जून को हुई आगजनी हिंसा और तोड़फोड़ मामले में आरोपी बनाए गए भिलाई नगर वधायक देवेंद्र यादव 17 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है। बलौदा बाजार पुलिस पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने के बाद उन्हें गिरफ्तार की थी। उनकी गिरफ्तारी के दौरान से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद देवेंद्र यादव के मामले में लगातार न्यायालय में सुनवाई हो रही है। अब तक उनके मामले में 17 अगस्त, 20 अगस्त, 27 अगस्त, 3 सितंबर, 9 सितंबर, 17 सितंबर को न्यायिक हिरासत पर सुनवाई हुई है। उनकी न्यायिक हिरासत 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। वहीं उनकी जमानत अर्जी पर सीजेएम अजय कुमार खाखा की अदालत ने 10 सितंबर को अर्जी खारिज की थी, बाद में सत्र न्यायालय में उनकी जमानत अर्जी लगी थी, जहां आज 18 सितंबर को मामले की अदालत में सुनवाई हुई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार वर्मा की अदालत म...

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आर्थिक विकास को गति देने एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में निभा रहा है महत्वपूर्ण भूमिका

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भारत दुनिया की सबसे बड़ी एवं सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसका खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आर्थिक विकास को गति देने एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत सरकार ने विभिन्न व्यावहारिक पहलों के साथ-साथ सुधारों के एक नए युग की शुरुआत की है, जिसने भारत को तेजी से विकास के पथ पर ला खड़ा किया है।  राष्ट्र न केवल अभूतपूर्व प्रगति एवं विकास का साक्षी बना है, बल्कि एक जीवंत एवं विविधतापूर्ण अर्थव्यवस्था द्वारा संचालित एक वैश्विक शक्ति के रूप में भी उभरा है। भारत सरकार की प्रगतिशील नीतिगत पहलों एवं उपायों के कारण, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र ने हाल के  वर्षों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है और मैन्यूफैक्चरिंग के सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) में 7.66 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कृषि के जीवीए में 8.45 प्रतिशत का योगदान दिया है। समृद्ध एवं विविधतापूर्ण कृषिगत संसाधनों से लैस भारत वैश्विक स्तर पर खाद्य उत्पादन के मामले में एक महत्वपूर्ण शक्ति है। दूध, पोषक अनाज, खाद्यान्न, फल, सब्जियां, चाय और मछली जैसी कई खाद्य पदार्थों का सबस...

अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में मजदूर ने लगाई फांसी, मुख्य द्वार को घेर कर धरना पर बैठे मजदूर

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अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट हिरमी में मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मजदूर के आत्महत्या करने पर नाराज साथ में काम करने वाले मजदूरों ने काम बंद कर दिया। सीमेंट प्लांट के मुख्य द्वार पर एकत्रित होकर मजदूर सीमेंट प्लांट प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दिए हैं। सुहेला पुलिस के मुताबिक पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम देवसुंदरा निवासी कृष्ण कुमार धीवर ने आत्महत्या किया है। आत्महत्या करने का कारण अभी अज्ञात है। शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ले गई है।  मौके पर मजदूरों को समझती पलिस। बता दें कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट हिरमी में आए दिन कोई ना कोई घटनाएं होते रहती हैं। यहां पिछले वर्ष हुए हादसे में तीन लोगों की जान चली गई थी। इस घटना का भी मजदूरों ने पुरजोर विरोध किया था, इसके बाद प्रबंधन की तरफ से बड़ी मुआवजा राशि पीड़ित परिवार को दी गई थी। अब एक बार फिर मजदूर के मौत के मामले में मजदूरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कारीगरों और शिल्पकारों के कौशल उन्नयन की परिकल्पना है पीएम विश्वकर्मा

भारत पारंपरिक कला और शिल्प के विभिन्न प्रतिरूपों का देश रहा है। ये कला और शिल्प न केवल हमारी गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं, बल्कि ये बड़ी संख्या में लोगों के लिए जुड़ाव और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मिट्टी के बर्तन बनाने, नाव बनाने, जूते बनाने जैसे व्यवसायों में कार्यरत कारीगर और शिल्पकार अपने आस-पास के लोगों के जीवन से जुड़े होते हैं और ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था में उनका योगदान महत्वपूर्ण होता है। इनमें से ज़्यादातर कारीगर और शिल्पकार अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहे हैं तथा वे अपने हाथों और औज़ारों से काम करते हैं। इस पृष्ठभूमि में, प्रधानमंत्री ने 17.09.2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया था, ताकि विभिन्न सकारात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से इन कारीगरों और शिल्पकारों, जिन्हें विश्वकर्मा के नाम से जाना जाता है, के जीवन में बदलाव लाया जा सके।  पीएम विश्वकर्मा योजना एक समग्र योजना है, जो कारीगरों और शिल्पकारों को प्रारंभ से अंत तक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत शामिल पारंपरिक व्यवसाय हैं: बढ़ई (सुथार/बधाई...