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काले हीरे की अफरा-तफरी के खिलाफ रतनपुर थाने के एफआईआर में दर्ज नाम पर अफवाह जाने वजह

बिलासपुर। काला हीरा कहे जाने वाले कोयला छत्तीसगढ़ और बिलासपुर के लिए खास महत्व रखता है। एसईसीएल मुख्यालय होने और चारो तरफ से कोल खदानों वाले क्षेत्र से घीरे होने के कारण यहां चोरी का कोयला भी खूब पहुंचता है। इसी तरह पिछले दिनों भी ट्रक बिलासपुर पहुंचा, जिसे पुलिस पकड़ी और मामले में दो लोगों को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज की। इसमें से एक नाम कोल डिपो के संचालक का तो दूसरा नाम ट्रैलर ड्राइवर का है। वैसे यह मामला सामान्य है, लेकिन कोयला के काले धंधे से जुड़े लोग ऐसे मामलों को सुर्खियां बनाकर आम जनता का ध्यान दूसरी ओर भटकते हैं और अपने प्रतिद्वंदी को बदनाम करने की साजिश कैसे रचते हैं, इसकी बानगी इस मामले में देखने को मिलती है। रतनपुर पुलिस के अनुसार कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र के पालीरोड निवासी संतोष सिंह पिता राजेंद्र सिंह ने रतनपुर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है कि वह फिल कंपनी ब्रांच दीपका में मैनेजर है। 22 मार्च 2022 को ट्रैलर क्रमांक एचआर 58 सी 1717 को डीओ नंबर 8173 में दीपका खदान से कोयला परिवहन के लिए बिलासपुर भेजा गया। इस कोयले की लिफ्टिंग के लिए फिल कंपनी ने अमन बाजवा को नियुक्...

छत्तीसगढ़ में 32 जिले हैं

छत्तीसगढ़ में कितने जिले हैं?  उत्तर- छत्तीसगढ़ राज्य में 32 जिले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के जिलों के नाम बताइए? उत्तर-  1. बलरामपुर-रामानुजगंज जिला (Balarampur-Ramanujgang) 2. सूरजपुर जिला (Surajpur) 3. अंबिकापुर जिला (Ambikapur) 4. कोरिया जिला (Koriya) 5. जशपुर जिला (Jashpur) 6. कोरबा जिला (Korba) 7. रायगढ़ जिला (Raigarh) 8. जांजगीर चांपा जिला (Janjgir-champa) 9. बिलासपुर जिला (Bilaspur) 10. मुंगेली जिला (Mungeli) 11. बलौदा बाजार-भाटापारा जिला (Baloda Bazar-Bhatapara) 12. रायपुर जिला (Raipur) 13. बेमेतरा जिला (Bemetra) 14. दुर्ग जिला (Durg) 15. राजनांदगांव जिला (Rajnandgaon) 16. कवर्धा जिला (Kawardha) 17. बालोद जिला (Balod) 18. महासमुंद जिला (Mahasamund) 19. कांकेर जिला (Kanker) 20. बस्तर जिला (Bastar) 21. दंतेवाड़ा जिला‌(Dantewada) 22. सुकमा जिला (Sukma) 23. गरियाबंद जिला (Gariyaband) 24. धमतरी जिला (Dhamtari) 25. कोंडागांव जिला‌(Kondagaon) 26. नारायनपुर जिला‌(Narayanpur) 27. बीजापुर जिला (Bijapur) 28. गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला‌ (Gourela Pendra Marwahi) 29. महेंद्रगढ़ जिला (M...

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जो यह नहीं करते वह हिंदू नहीं

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Raut nach 2021

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रावत नाच महोत्सव #2021

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जिला गठन से पड़ने वाला फर्क

  मध्यप्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर 2000 को जब नए राज्य के रूप में गठन हुआ तो इसका नाम राज्य में स्थित छत्तीस गढ़ों के ऊपर छत्तीसगढ़ रखा गया। ये 36 गढ़ शिवनाथ नदी के उत्तर और दक्षिण भाग में स्थित रतनपुर और रायपुर राज के अधीन राजाओं के किले थे। इसमें रातनपुर के अंदर 18 और रायपुर के अंदर 18 गढ़ शामिल हैं। रतनपुर में शामिल रतनपुर, मारो, बिजयपुर, खरोद, कोटागढ़, नवागढ़, सोंथी, मल्हारगढ़, मुंगेली सहित पंडरभाट्‌ठा, सेमरिया, चांपा, बाफा, छुरी, केंडा, मातिन, उपरौरा, पेंड्रा, कुरकुट्‌टी और रायपुर में शामिल रायपुर, पाटन, सिमगा, सिंगारपुर, लवन, अमोरा, दुर्ग, सारडा, सिरसा, मोहदी, खल्लारी, सिरपुर, फिंगेश्वर, राजिम, सिंगनगढ़, सुअरमाल, टेंगनागढ़, अकलवारा हैं। जब राज्य बना उस समय राज्य में 16 जिले थे। ये जिले कोरिया, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कवर्धा, राजनागांव, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा थे। वहीं तीन संभाग रायपुर, बिलासपुर और बस्तर थे। राज्य की आबादी 2001 जनगणना के अनुसार 20795956 थी। राज्य में 11 मई 2007 को 2 नए जिले बनाए गए बीजापुर और नारायणपुर इस...

ललित सुरजन : ग्रामीण पत्रकारिता में भागीदारी

देशबंधु अविभाजीत देश का पहला अखबार हुआ जो ग्रामीण पत्रकारिता को महत्वपूर्ण स्थान देकर देश में ख्याति प्राप्त किया। ग्रामीण क्षेत्र के समाजिक मुद्दों को उठाया। खासकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ (अविभाजीत मध्यप्रदेश) में फैली टोनही प्रताड़ना, बहिष्कार, किसान, मजदूर, फैक्ट्री में होने वाले आंदोलन को सामने लाया। ग्राउंड रिपोर्ट के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में होने वाले घोटालों और भ्रष्टाचार को उजागर किया। जब अन्य अखबार शहरी चकाचौंध से प्रभावित होकर खोए हुए थे तब देशबंधु ने ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे नए-नए प्रयोगों को समाज के सामने लाया। उस समय के चर्चित अखबार जिन मुद्दों को अनदेखा करते थे उसे उठाकर देशबंदु ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ बनाई। ऐसे तमाम मामलों को अखबार में उजागर कर लोगों तक पहुंचाया। अविभाजित मध्यप्रदेश में देशबंधु को पत्रकारिता का स्कूल कहा जाता था। देशबंधु की नींव भले ही मायाराम सुरजन जी ने रखी, हो लेकिन उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका ललित सुरजन जी ने निभाई। ग्रामीण पत्रकारिता की जब भी बात की जाएगी ललित सुरजन और देशबंधु का नाम सामने आएगा। आज हमारे बीच ललित सुरजन जी नहीं हैं...